📚 संक्षिप्त नोट्स: जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत 🔹 मुख्य विचार: बालक का बौद्धिक विकास चरणबद्ध (Stage-wise) होता है। बच्चा अपने वातावरण से अनुभव लेकर सोचने की क्षमता विकसित करता है। संज्ञानात्मक विकास जन्म से लेकर किशोरावस्था तक चार चरणों में होता है। 🔹 चार चरण: चरण आयु सीमा मुख्य विशेषताएँ 1. संवेदी-ग्रहण अवस्था (Sensori-Motor) जन्म – 2 वर्ष - इंद्रियों और क्रियाओं से सीखना - वस्तु स्थायित्व की समझ 2. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (Pre-Operational) 2 – 7 वर्ष - प्रतीकों का प्रयोग - आत्मकेन्द्रित सोच - कल्पनाशील खेल 3. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational) 7 – 11 वर्ष - तर्क और विश्लेषण पर आधारित सोच - संरक्षण की समझ - वर्गीकरण, अनुक्रमण 4. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational) 11 वर्ष और ऊपर - अमूर्त और तर्कपूर्ण सोच - परिकल्पना बनाना - वैज्ञानिक दृष्टिकोण 🔹 अन्य महत्वपूर्ण अवधारणाएँ: स्कीमा (Schema): सोचने की मानसिक संरचना। संजोजन (Assimilation): नई जानकारी को पुराने ज्ञान में समाहित करना। समायोजन (Acc...