⭐ UPTET संस्कृत सम्पूर्ण रामबाण नोट्स: अध्याय 7 ⭐ विषय: लिंग, वचन, प्रत्याहार, स्वर एवं व्यंजन के प्रकार, अनुस्वार तथा अनुनासिक प्रिय भावी शिक्षकों, SK SACHIN CLASSES के इस अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय में आपका हार्दिक स्वागत है। आज हम संस्कृत व्याकरण की उन जड़ों (Roots) को मजबूत करेंगे जिन पर पूरी भाषा टिकी है। यदि आपको 'प्रत्याहार' बनाना आ गया और 'स्वरों व व्यंजनों' का सही वर्गीकरण समझ में आ गया, तो संस्कृत की सन्धियाँ आपके लिए बच्चों का खेल बन जाएंगी। आइए, इस अध्याय को 'रामबाण ट्रिक्स' के साथ बहुत ही सरल भाषा में समझते हैं। ⭐ भाग 1: संस्कृत में 'लिंग' (Gender in Sanskrit) हिंदी भाषा में केवल दो लिंग होते हैं (पुल्लिङ्ग और स्त्रीलिङ्ग), लेकिन संस्कृत में तीन लिंग माने गए हैं। UPTET में शब्दों का लिंग पहचानने के लिए अक्सर कन्फ्यूज़ करने वाले प्रश्न आते हैं। पुल्लिङ्ग (Masculine): जिन शब्दों से पुरुष जाति का बोध हो। पहचान: प्रायः अकारान्त शब्द (जिनके अंत में 'अ' और विसर्ग ':' हो)। उदाहरण: रामः, बालकः, देवः, सूर्यः...