🌟 UPTET 2026: बाल विकास (CDP) अध्याय 24 - बाल विकास की अवस्थाएँ (विस्तृत नोट्स) 🌟 दोस्तों, SK SACHIN CLASSES की बाल विकास और शिक्षण शास्त्र (CDP) सीरीज़ के इस बेहद महत्वपूर्ण अध्याय में आपका स्वागत है। एक बच्चा जब जन्म लेता है और जब तक वह 18 वर्ष (वयस्क) का नहीं हो जाता, तब तक उसके शरीर, बुद्धि, समाज और संवेगों में कई बड़े बदलाव आते हैं। मनोविज्ञान में इन बदलावों को समझने के लिए बाल विकास को मुख्य रूप से 3 अवस्थाओं (Stages) में बांटा गया है। UPTET की परीक्षा में हर साल इन अवस्थाओं के 'उपनाम' और मनोवैज्ञानिकों के 'कथन' सीधे तौर पर पूछे जाते हैं। आइए, इन्हें बहुत ही आसान भाषा में समझते हैं। 🔹 बाल विकास की प्रमुख अवस्थाएँ (Stages of Child Development) यद्यपि अलग-अलग मनोवैज्ञानिकों ने उम्र को अलग-अलग बांटा है, लेकिन भारतीय शिक्षा प्रणाली और UPTET के अनुसार सर्वमान्य वर्गीकरण इस प्रकार है: शैशवावस्था (Infancy): जन्म से 5 या 6 वर्ष तक। बाल्यावस्था (Childhood): 6 वर्ष से 12 वर्ष तक। किशोरावस्था (Adolescence): 12 वर्ष से 18 वर्ष तक। (नोट: गर्भावस...