प्रस्तावना: हिंदी तो आती है, फिर नंबर क्यों कटते हैं? नमस्कार भावी शिक्षकों! स्वागत है आपका SK SACHIN CLASSES पर। दोस्तों, आज हम एक बहुत ही गंभीर मुद्दे पर बात करने वाले हैं। हम सब हिंदी भाषी हैं। बचपन से हिंदी बोल रहे हैं, सुन रहे हैं और पढ़ रहे हैं। हमें लगता है कि CTET के पेपर में हिंदी सेक्शन तो हमारे लिए 'बाएं हाथ का खेल' होगा। लेकिन... जब हम एग्जाम हॉल में बैठते हैं और हमारे सामने प्रश्न आता है: "भाषा अर्जन और भाषा अधिगम में मुख्य अंतर क्या है?" या "वाइगोत्स्की के अनुसार निजी वाक् का क्या महत्व है?" तो हमारा सिर चकराने लगता है। हम सोचते हैं कि यार, हिंदी तो आती थी, पर यह 'पेडागोजी' (शिक्षण शास्त्र) किस चिड़िया का नाम है? सच्चाई यह है कि हिंदी जानना और हिंदी पढ़ाना , ये दो अलग-अलग बातें हैं। CTET आपसे यह उम्मीद नहीं करता कि आप मुंशी प्रेमचंद बनें। CTET यह चाहता है कि आप एक ऐसे शिक्षक बनें जो बच्चों की टूटी-फूटी भाषा को समझ सके और उसे निखार सके। आज का यह ब्लॉग आपकी इसी समस्या का स्थायी इलाज है। अगले 15-20 मिनट में, हम ह...