अध्याय 01 - संख्याएँ एवं संख्याओं का जोड़, घटाना, गुणा, भाग (विस्तृत मास्टर क्लास)
SK SACHIN CLASSES में आपका स्वागत है। UPTET Paper 1 गणित की परीक्षा में 'संख्या पद्धति' (Number System) सबसे महत्वपूर्ण अध्याय है। अक्सर छात्र पूर्ण संख्या, पूर्णांक और अभाज्य संख्याओं के बीच कंफ्यूज हो जाते हैं। आज हम इस चैप्टर का 'शून्य से शिखर' तक का पूरा पोस्टमार्टम करेंगे। अगर आपने यह लेख पूरा पढ़ लिया, तो इस चैप्टर से आपका एक भी नंबर नहीं कटेगा।
1. अंक और संख्या (Digits and Numbers)
गणित की शुरुआत अंकों से होती है। हमारे हिन्दू-अरेबिक संख्या प्रणाली (Hindu-Arabic System) में कुल 10 अंक होते हैं: 0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9। इन्हीं अंकों को मिलाकर अनंत संख्याएँ बनती हैं।
2. संख्याओं का विस्तृत वर्गीकरण (Detailed Classification of Numbers)
यहाँ से UPTET में हर साल थ्योरी आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। आइए इन्हें गहराई से समझें:
A. प्राकृतिक संख्याएँ (Natural Numbers - N):
गिनती की सभी संख्याएँ प्राकृतिक संख्याएँ कहलाती हैं। इनकी शुरुआत 1 से होती है।
- समुच्चय: {1, 2, 3, 4, 5... ∞}
- UPTET फैक्ट: सबसे छोटी प्राकृतिक संख्या 1 है। सबसे बड़ी प्राकृतिक संख्या ज्ञात नहीं की जा सकती (अनंत)।
B. पूर्ण संख्याएँ (Whole Numbers - W) - [महत्वपूर्ण]:
जब प्राकृतिक संख्याओं के परिवार में शून्य (0) को भी शामिल कर लिया जाता है, तो वे पूर्ण संख्याएँ बन जाती हैं।
- समुच्चय: {0, 1, 2, 3, 4, 5... ∞}
- UPTET फैक्ट: सभी प्राकृतिक संख्याएँ, पूर्ण संख्याएँ होती हैं, लेकिन सभी पूर्ण संख्याएँ प्राकृतिक नहीं होतीं (क्योंकि 0 प्राकृतिक नहीं है)। सबसे छोटी पूर्ण संख्या 0 है।
C. पूर्णांक (Integers - Z या I) - [महत्वपूर्ण]:
जब पूर्ण संख्याओं के समूह में ऋणात्मक (Negative) संख्याओं को भी शामिल कर लिया जाता है, तो उसे पूर्णांक कहते हैं। पूर्णांक कभी भी दशमलव या भिन्न में नहीं होते।
- समुच्चय: {... -3, -2, -1, 0, 1, 2, 3 ...}
- धनात्मक पूर्णांक (Positive): 1, 2, 3, 4...
- ऋणात्मक पूर्णांक (Negative): -1, -2, -3, -4...
- शून्य (0): यह न तो धनात्मक पूर्णांक है और न ही ऋणात्मक, यह एक उदासीन (Neutral) पूर्णांक है।
D. सम और विषम संख्याएँ (Even & Odd Numbers):
- सम (Even): जो संख्याएँ 2 से पूरी तरह विभाजित हो जाएं। (जैसे: -4, -2, 0, 2, 4, 6...)। ध्यान दें, '0' भी एक सम पूर्णांक है।
- विषम (Odd): जो 2 से विभाजित न हों। (जैसे: -3, -1, 1, 3, 5, 7...)
E. भाज्य और अभाज्य संख्याएँ (Composite & Prime Numbers) [VVIP]:
-
अभाज्य संख्याएँ (Prime): वे संख्याएँ जो केवल 1 और स्वयं (खुद) से कटती हैं। (अर्थात जिनके ठीक 2 गुणनखंड हों)।
- जैसे: 2, 3, 5, 7, 11, 13, 17...
-
रामबाण ट्रिक्स: * सबसे छोटी अभाज्य संख्या 2 है।
- 2 एकमात्र 'सम अभाज्य' (Even Prime) संख्या है। बाकी सभी अभाज्य संख्याएँ विषम होती हैं।
- 1 से 50 तक कुल 15 अभाज्य संख्याएँ होती हैं।
- 1 से 100 तक कुल 25 अभाज्य संख्याएँ होती हैं।
-
भाज्य संख्याएँ (Composite): जिनके 2 से अधिक गुणनखंड हों।
- जैसे: 4, 6, 8, 9, 10...
- UPTET फैक्ट: सबसे छोटी भाज्य संख्या 4 है। '1' न तो भाज्य है और न ही अभाज्य।
F. सह-अभाज्य संख्याएँ (Co-Prime Numbers):
संख्याओं का ऐसा जोड़ा जिनका महत्तम समापवर्तक (HCF) 1 हो। (जैसे: 2 और 3; 8 और 15)। जरूरी नहीं कि ये दोनों संख्याएँ अभाज्य ही हों।
G. परिमेय और अपरिमेय संख्याएँ (Rational & Irrational Numbers):
- परिमेय (Rational): जिन्हें p/q के रूप में लिखा जा सके (जहाँ q ≠ 0)। सभी पूर्णांक, शांत दशमलव और आवर्ती (Repeating) दशमलव परिमेय होते हैं। (जैसे: 3/5, -7, 0, 2.5, 0.333...)
- अपरिमेय (Irrational): जिन्हें p/q के रूप में नहीं लिखा जा सकता। (जैसे: √2, √3, π)।
- नोट: π (पाई) एक अपरिमेय संख्या है, जबकि इसका माना गया मान 22/7 एक परिमेय संख्या है।
3. स्थानीय मान, जातीय मान और निरपेक्ष मान (Place, Face & Absolute Value)
- जातीय मान (Face Value): अंक का अपना वास्तविक मान। 8452 में 4 का जातीय मान 4 ही रहेगा।
- स्थानीय मान (Place Value): अंक का मान जो उसके स्थान पर निर्भर करे। 8452 में 4 का स्थानीय मान 400 है।
- निरपेक्ष मान (Absolute Value): किसी पूर्णांक का चिह्न हटा देने पर जो मान बचता है। इसे |x| से दर्शाते हैं। |-5| का निरपेक्ष मान 5 होगा और |5| का भी 5 ही होगा।
4. गणितीय संक्रियाओं के प्रगुण (Properties of Operations)
- संवक प्रगुण (Closure Property): दो पूर्ण संख्याओं का जोड़ या गुणा हमेशा एक पूर्ण संख्या होता है। (जैसे 2+3=5)।
-
क्रमविनिमेय प्रगुण (Commutative Property): संख्याओं का क्रम बदलने पर उत्तर नहीं बदलता।
- a + b = b + a (जैसे: 3+4 = 4+3 = 7)
- a × b = b × a (जैसे: 3×4 = 4×3 = 12)
- नोट: यह नियम घटाने और भाग पर लागू नहीं होता।
- साहचर्य प्रगुण (Associative Property): (a+b)+c = a+(b+c)। यह भी केवल जोड़ और गुणा पर लागू होता है।
- योज्य तत्समक (Additive Identity): वह संख्या जिसे जोड़ने पर मान न बदले। 0 (शून्य) योज्य तत्समक है। (a + 0 = a)
- गुणात्मक तत्समक (Multiplicative Identity): वह संख्या जिससे गुणा करने पर मान न बदले। 1 (एक) गुणात्मक तत्समक है। (a × 1 = a)
5. भाग का नियम और शेषफल (Division Algorithm)
UPTET का सबसे पसंदीदा फॉर्मूला:
भाज्य (Dividend) = भाजक (Divisor) × भागफल (Quotient) + शेषफल (Remainder)
- उदाहरण: यदि किसी संख्या को 15 से भाग देने पर भागफल 4 और शेषफल 3 आता है, तो संख्या क्या होगी?
- हल: संख्या (भाज्य) = 15 × 4 + 3 = 60 + 3 = 63
6. विभाज्यता के नियम (Divisibility Rules - Advanced)
- 2 का नियम: इकाई का अंक 0, 2, 4, 6, 8 हो।
- 3 का नियम: अंकों का योग 3 से कटना चाहिए।
- 4 का नियम: अंतिम 2 अंकों से बनी संख्या 4 से कटे।
- 5 का नियम: अंतिम अंक 0 या 5 हो।
- 6 का नियम: जो 2 और 3 दोनों से कटे।
- 8 का नियम: अंतिम 3 अंकों से बनी संख्या 8 से कटे।
- 9 का नियम: अंकों का योग 9 से कटना चाहिए।
- 11 का नियम: सम स्थानों के अंकों का योग - विषम स्थानों के अंकों का योग = 0 या 11 का गुणज हो। (जैसे: 1331 ➡️ (1+3) - (3+1) = 4 - 4 = 0, अतः यह 11 से कटेगी)।
7. इकाई का अंक ज्ञात करना (Finding Unit Digit)
- गुणा में इकाई का अंक: 234 × 567 × 893 ➡️ केवल इकाई का गुणा करें (4 × 7 × 3) = 28 × 3 = 84 ➡️ उत्तर 4।
- घातांक (Power) में: यदि आधार का अंतिम अंक 0, 1, 5, या 6 है, तो घात चाहे जितनी भी हो, इकाई का अंक क्रमशः 0, 1, 5, 6 ही रहता है।
अध्याय 1: UPTET Top 50 PYQ इंटरेक्टिव क्विज
अध्याय 01: संख्या पद्धति एवं गणितीय संक्रियाएं
- 📝 कुल प्रश्न : 50
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- ⏱️ Time Taken : 00:00

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