UPTET Hindi Chapter 6: संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया एवं विशेषण (विकारी शब्द) | 2000+ Words रामबाण नोट्स & 50 PYQ Mock Test (SK SACHIN CLASSES)
⭐ अध्याय 06 : संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया एवं विशेषण के भेद (UPTET रामबाण महा-एपिसोड) ⭐
SK SACHIN CLASSES स्पेशल: भावी शिक्षकों! हिंदी व्याकरण में शब्दों को रूप परिवर्तन के आधार पर दो भागों में बांटा जाता है— विकारी और अविकारी। वे शब्द जिनमें लिंग, वचन, कारक और काल के अनुसार परिवर्तन हो जाता है, 'विकारी शब्द' कहलाते हैं। संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया और विशेषण ये चारों ही विकारी शब्द हैं।
शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET और CTET) के प्रश्नपत्र में सकर्मक-अकर्मक क्रिया की पहचान, भाववाचक संज्ञा का निर्माण, और सर्वनाम के भेदों से सीधे 3 से 4 प्रश्न (PYQ) पूछे जाते हैं। आइए, आपके अपने प्लेटफॉर्म 'SK SACHIN CLASSES' के इस 2000+ शब्दों के विस्तृत 'रामबाण' लेख में इन चारों विकारी शब्दों का ऐसा 'पोस्टमार्टम' करें कि परीक्षा में आपका एक भी अंक न कटे।
⭐ भाग 1: संज्ञा (Noun) का विस्तृत अध्ययन
किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी, गुण, भाव या अवस्था के नाम को संज्ञा कहते हैं। (जैसे- राम, आगरा, मेज, मिठास, बचपन)। संज्ञा का शाब्दिक अर्थ है- 'नाम' (Name)।
⭐ संज्ञा के भेद (Types of Noun)
प्राचीन मान्यताओं के अनुसार संज्ञा के 5 भेद होते हैं, लेकिन आधुनिक व्याकरण में मुख्य रूप से 3 भेद माने गए हैं (जातिवाचक के ही दो उपभेद समूहवाचक और द्रव्यवाचक मान लिए गए हैं)। UPTET में विकल्प के अनुसार 5 ही सही माना जाता है।
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⭐ व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun): * जो शब्द किसी विशेष (पर्टिकुलर) व्यक्ति, स्थान या वस्तु का बोध कराएं।
- पहचान: इनका बहुवचन नहीं बनता।
- उदाहरण: राम (व्यक्ति), गंगा (नदी विशेष), हिमालय (पर्वत विशेष), रामायण (पुस्तक विशेष), सोमवार (दिन विशेष)।
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⭐ जातिवाचक संज्ञा (Common Noun): * जो शब्द किसी प्राणी, वस्तु या स्थान की पूरी जाति या वर्ग का बोध कराएं।
- उदाहरण: लड़का, नदी, पर्वत, पुस्तक, दिन, शहर, कुत्ता, गाय।
- (रामबाण ट्रिक: 'गंगा' व्यक्तिवाचक है, लेकिन 'नदी' जातिवाचक है।)
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⭐ भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun - UPTET का सबसे महत्वपूर्ण): * जिन शब्दों से किसी गुण, दोष, दशा, अवस्था या भाव का बोध हो। इन्हें हम छू या देख नहीं सकते, केवल महसूस कर सकते हैं।
- पहचान की ट्रिक: भाववाचक संज्ञा के अंत में प्रायः ता, पन, पा, आस, आव, आई, त्व प्रत्यय लगे होते हैं।
- उदाहरण: सुंदरता, बचपन, बुढ़ापा, मिठआस, चढ़आई, देवत्व, क्रोध, दया।
- ⭐ समूहवाचक संज्ञा (Collective Noun): * जो शब्द व्यक्तियों या वस्तुओं के समूह (Group) का बोध कराएं।
- उदाहरण: सेना, पुलिस, परिवार, कक्षा, भीड़, गुच्छा, समिति, दल।
- ⭐ द्रव्यवाचक / पदार्थवाचक संज्ञा (Material Noun): * जिन शब्दों से किसी धातु, तरल पदार्थ या ऐसी सामग्री का बोध हो जिसे नापा या तौला जा सके (गिना न जा सके)।
- उदाहरण: सोना, चाँदी, लोहा, पानी, दूध, तेल, लकड़ी, ऊन, गेहूँ, चावल।
⭐ भाग 2: सर्वनाम (Pronoun) का विस्तृत अध्ययन
'सर्वनाम' दो शब्दों से मिलकर बना है- 'सर्व' (सबका) + 'नाम'। अर्थात जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किए जाते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं। (जैसे- राम अच्छा लड़का है। वह रोज़ स्कूल जाता है। - यहाँ 'वह' सर्वनाम है)।
- UPTET PYQ तथ्य: हिंदी में मूल सर्वनामों की कुल संख्या 11 है (मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कोई, कुछ, कौन, क्या)।
⭐ सर्वनाम के 6 भेद होते हैं:
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⭐ पुरुषवाचक सर्वनाम: जो बोलने वाले (वक्ता), सुनने वाले (श्रोता) या किसी अन्य व्यक्ति के लिए प्रयोग हों। इसके 3 उपभेद हैं:
- उत्तम पुरुष (मैं, हम) - बोलने वाला।
- मध्यम पुरुष (तू, तुम, आप) - सुनने वाला।
- अन्य पुरुष (यह, वह, ये, वे) - जिसके बारे में बात हो।
- ⭐ निश्चयवाचक सर्वनाम: जो किसी पास या दूर की वस्तु/व्यक्ति की ओर निश्चित संकेत करें। (यह, वह)।
- उदाहरण: यह मेरी पुस्तक है।
- ⭐ अनिश्चयवाचक सर्वनाम: जिनसे किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध न हो। (कोई, कुछ)।
- उदाहरण: दरवाज़े पर कोई खड़ा है। / दाल में कुछ गिर गया है।
- ⭐ संबंधवाचक सर्वनाम: जो वाक्य में आए दूसरे सर्वनाम से संबंध बताएं। (जो-सो, जैसा-वैसा)।
- उदाहरण: जो बोएगा, सो काटेगा।
- ⭐ प्रश्नवाचक सर्वनाम: जिनका प्रयोग प्रश्न पूछने के लिए किया जाए। (कौन, क्या)।
- उदाहरण: वहाँ कौन खड़ा है?
- ⭐ निजवाचक सर्वनाम (UPTET V.Imp): जो सर्वनाम कर्ता (Subject) स्वयं (अपने आप) के लिए प्रयोग करता है। (आप, स्वयं, खुद)।
- उदाहरण: मैं यह काम स्वयं कर लूँगा। / वह अपने आप चला जाएगा।
⭐ भाग 3: विशेषण (Adjective) का विस्तृत अध्ययन
जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, दोष, संख्या, मात्रा) बताते हैं, विशेषण कहलाते हैं।
- विशेष्य: जिसकी विशेषता बताई जाए, उसे 'विशेष्य' कहते हैं। (जैसे- 'काला घोड़ा'। यहाँ 'काला' विशेषण है और 'घोड़ा' विशेष्य है)।
- प्रविशेषण (UPTET PYQ): जो शब्द विशेषण की भी विशेषता बताएं। (जैसे- राम बहुत तेज़ दौड़ता है। यहाँ 'तेज़' विशेषण है और 'बहुत' प्रविशेषण है)।
⭐ विशेषण के 4 भेद होते हैं:
- ⭐ गुणवाचक विशेषण: जो संज्ञा/सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, आकार, दशा बताएं।
- उदाहरण: अच्छा लड़का, लाल गुलाब, गोल मेज, ईमानदार नेता।
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⭐ संख्यावाचक विशेषण: जो संज्ञा/सर्वनाम की संख्या (Count) बताएं। इसके 2 भेद हैं:
- निश्चित संख्यावाचक: दो लड़के, दस रुपये।
- अनिश्चित संख्यावाचक: कुछ बच्चे, कई लोग।
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⭐ परिमाणवाचक विशेषण: जो संज्ञा/सर्वनाम की मात्रा (नाप-तौल / Measure) बताएं। इसके भी 2 भेद हैं:
- निश्चित परिमाणवाचक: दो किलो चीनी, चार लीटर दूध।
- अनिश्चित परिमाणवाचक: थोड़ा पानी, बहुत सारा अनाज।
- ⭐ सार्वनामिक / संकेतवाचक विशेषण: जब कोई सर्वनाम किसी संज्ञा से ठीक पहले आकर उसकी विशेषता बताए।
- उदाहरण: यह पुस्तक मेरी है। (यहाँ 'यह' सर्वनाम है, लेकिन 'पुस्तक' संज्ञा से पहले आकर विशेषण का काम कर रहा है)।
⭐ भाग 4: क्रिया (Verb) का विस्तृत अध्ययन
जिस शब्द से किसी कार्य के करने या होने का बोध हो, उसे क्रिया कहते हैं। (जैसे- पढ़ना, लिखना, खाना, सोना)।
- धातु (Root Word): क्रिया के मूल रूप को 'धातु' कहते हैं। धातु में 'ना' प्रत्यय लगाने से क्रिया का सामान्य रूप बनता है। (जैसे- 'पठ्' धातु + ना = पढ़ना)।
⭐ कर्म के आधार पर क्रिया के 2 भेद (UPTET का सबसे महत्वपूर्ण भाग):
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⭐ सकर्मक क्रिया (Transitive Verb): * जिस क्रिया का फल कर्ता पर न पड़कर कर्म (Object) पर पड़े। इसमें कर्म की आवश्यकता होती है।
- रामबाण ट्रिक: क्रिया से पहले 'क्या' या 'किसको' लगाकर प्रश्न पूछें। यदि उत्तर मिल जाए, तो क्रिया सकर्मक है।
- उदाहरण: राम सेब खाता है। (प्रश्न: क्या खाता है? उत्तर: सेब। अतः 'खाता है' सकर्मक क्रिया है)।
- सकर्मक क्रियाएँ: पढ़ना, लिखना, खाना, पीना, काटना, तोड़ना।
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⭐ अकर्मक क्रिया (Intransitive Verb): * जिस क्रिया का फल सीधा कर्ता (Subject) पर पड़े। इसमें कर्म नहीं होता।
- रामबाण ट्रिक: क्रिया से पहले 'क्या' या 'किसको' पूछने पर कोई उत्तर न मिले (उत्तर में कर्ता ही आ जाए), तो अकर्मक है।
- उदाहरण: मोहन रोता है। (प्रश्न: क्या रोता है? उत्तर: कुछ नहीं / मोहन। अतः 'रोता है' अकर्मक है)।
- अकर्मक क्रियाएँ: रोना, हँसना, सोना, दौड़ना, उड़ना, तैरना, डरना। (पक्षी आकाश में उड़ते हैं - यहाँ आकाश कर्म नहीं, आधार (अधिकरण कारक) है, अतः 'उड़ना' अकर्मक है)।
⭐ रचना/प्रयोग के आधार पर क्रिया के अन्य भेद:
- ⭐ प्रेरणार्थक क्रिया: जब कर्ता स्वयं कार्य न करके किसी अन्य को कार्य करने की प्रेरणा दे।
- उदाहरण: लिखवाना, पढ़वाना, उठवाना। (माँ ने बेटी से खाना बनवाया)।
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⭐ पूर्वकालिक क्रिया: जब कर्ता एक क्रिया समाप्त करके तुरंत दूसरी क्रिया शुरू करे, तो पहली क्रिया पूर्वकालिक कहलाती है।
- ट्रिक: इसमें क्रिया के साथ 'कर' या 'करके' लगा होता है।
- उदाहरण: राम पढ़कर सो गया। (यहाँ 'पढ़कर' पूर्वकालिक क्रिया है)।
- ⭐ नामधातु क्रिया: जो क्रियाएँ संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण से बनती हैं।
- उदाहरण: हाथ से हथियाना, बात से बतियाना, लात से लतियाना, गरम से गरमाना।
- ⭐ संयुक्त क्रिया: जब दो या दो से अधिक क्रियाएँ मिलकर एक पूर्ण क्रिया का बोध कराएं।
- उदाहरण: वह घर पहुँच गया। (पहुँचना + जाना)।
(भावी शिक्षकों! इस शानदार थ्योरी को पढ़ने के बाद, अब असली परीक्षा का अनुभव लेने के लिए नीचे दिए गए UPTET PYQ आधारित छोटे और सटीक विकल्पों वाले लाइव टेस्ट को हल करें!)
50 रामबाण UPTET PYQ प्रश्न 👇
संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण (अध्याय 06)
- 📝 कुल प्रश्न : 50
- ✅ सही उत्तर : 0
- ❌ गलत उत्तर : 0
- 📊 Accuracy : 0%
- ⏱️ Time Taken : 00:00

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