🌟 UPTET 2026: पर्यावरण अध्ययन (EVS) अध्याय 4 - पेड़-पौधे एवं जंतु (विस्तृत नोट्स) ?
दोस्तों, SK SACHIN CLASSES के पर्यावरण अध्ययन (EVS) सीरीज़ में आपका स्वागत है।
आज हम EVS का वह अध्याय पढ़ने जा रहे हैं जो प्रकृति के सबसे सुंदर रूप को दर्शाता है— "पेड़-पौधे एवं जंतु (Plants and Animals)"। हमारी पृथ्वी पर लाखों प्रकार के पेड़-पौधे और जानवर पाए जाते हैं। लेकिन UPTET की परीक्षा में कुछ विशेष प्रकार के पौधों (जो कीड़े खाते हैं या जो रेगिस्तान में होते हैं) और कुछ अनोखे जानवरों (जो 17 घंटे सोते हैं) के बारे में सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। आइए, इन सभी रोचक और महत्वपूर्ण तथ्यों को रट लेते हैं।
🔹 1. पेड़-पौधों की दुनिया (World of Plants)
पौधे हमारे पर्यावरण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं क्योंकि ये 'उत्पादक' (Producers) कहलाते हैं। ये अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।
🌟 पौधों में पोषण: प्रकाश संश्लेषण
- पौधे अपना भोजन प्रकाश संश्लेषण की क्रिया द्वारा बनाते हैं।
- इस क्रिया में पौधे सूर्य का प्रकाश, जल, और हवा से कार्बन डाइऑक्साइड गैस लेते हैं और बदले में हमारे लिए ऑक्सीजन गैस छोड़ते हैं।
- पौधों की पत्तियों का हरा रंग क्लोरोफिल नामक वर्णक के कारण होता है।
- UPTET फैक्ट: पौधों में जल का परिवहन जाइलम नामक ऊतक से होता है, और भोजन का परिवहन फ्लोएम से होता है।
🔹 2. विशिष्ट पेड़-पौधे (Special Plants) - [UPTET रामबाण]
यहाँ से UPTET और CTET में हर साल पक्के प्रश्न आते हैं:
🌟 1. नेपेंथीस / घटपर्णी पौधा (Pitcher Plant)
- यह एक 'मांसाहारी' (कीटभक्षी) पौधा है।
- स्थान: यह भारत के मेघालय राज्य में, और दुनिया में ऑस्ट्रेलिया तथा इंडोनेशिया में पाया जाता है।
- विशेषता: इसका आकार एक लंबे घड़े (Pitcher) जैसा होता है जिसके ऊपर पत्ती का ढक्कन लगा होता है।
- इसमें से एक विशेष प्रकार की खुशबू निकलती है (आवाज़ नहीं), जिससे कीड़े-मकोड़े, चूहे और मेंढक इसकी ओर आकर्षित होते हैं और अंदर फँस जाते हैं।
- कारण: यह पौधा ऐसे स्थान पर उगता है जहाँ मिट्टी में नाइट्रोजन की कमी होती है। यह कीड़ों को खाकर अपनी नाइट्रोजन की कमी पूरी करता है।
🌟 2. रेगिस्तानी ओक (Desert Oak)
- स्थान: यह पेड़ मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया के रेगिस्तान में पाया जाता है।
- विशेषता: इस पेड़ की ऊँचाई सामान्य कक्षा की दीवार के बराबर (लगभग 10-12 फीट) होती है, लेकिन इसकी जड़ें ज़मीन के बहुत गहरी (लगभग 30 गुना गहरी) जाती हैं, जब तक कि वे पानी तक न पहुँच जाएं।
- इसका तना अंदर से खोखला होता है और उसमें पानी जमा रहता है।
- जब उस इलाके में पानी की कमी होती है, तो वहाँ के लोग इसके तने के अंदर पतला पाइप डालकर पानी निकाल लेते हैं।
🌟 3. खेजड़ी का पेड़ (Khejadi Tree)
- स्थान: यह भारत में राजस्थान के थार मरुस्थल (रेगिस्तान) में पाया जाता है।
- विशेषता: इसे उगने के लिए बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है।
- इसकी लकड़ी में कभी भी कीड़ा नहीं लगता है। इसकी छाल से दवा बनाई जाती है और इसकी फलियों की सब्ज़ी बनती है।
- अमृता देवी बिश्नोई: राजस्थान के जोधपुर में खेजड़ी के पेड़ों को काटने से बचाने के लिए 'अमृता देवी बिश्नोई' ने 362 लोगों के साथ अपनी जान दे दी थी। (बिश्नोई समाज पेड़ों और जानवरों की रक्षा के लिए प्रसिद्ध है)।
🌟 4. क्रोटन का पौधा (Croton Plant)
- विशेषता: यह एक प्रकार का 'सिग्नल' या संकेतक (Indicator) पौधा है।
- किसान इसे मुख्य फसल के साथ बो देते हैं। इस पौधे की जड़ें ज़मीन में बहुत ऊपर रहती हैं। जब मिट्टी सूखने लगती है, तो क्रोटन के पत्ते सबसे पहले मुरझाने लगते हैं। इससे किसान को पता चल जाता है कि खेत में पानी (सिंचाई) देने का समय आ गया है।
🌟 5. बरगद (Banyan Tree)
- विशेषता: बरगद के पेड़ की शाखाओं (डालियों) से बहुत सारी लंबी-लंबे जड़ें लटकती रहती हैं।
- ये लटकती हुई जड़ें ज़मीन के अंदर जाकर खंभे की तरह पेड़ को सहारा (Support) देती हैं। इन्हें 'स्तंभ जड़ें' कहा जाता है।
🔹 3. जंतुओं की दुनिया (World of Animals)
जानवरों को मुख्य रूप से बच्चे देने के तरीके के आधार पर दो भागों में बांटा जाता है (UPTET का बहुत ही प्रसिद्ध प्रश्न):
- जरायुज (Viviparous - बच्चे देने वाले):
- पहचान: जिन जानवरों के कान बाहर दिखाई देते हैं और जिनके शरीर पर बाल होते हैं, वे बच्चे देते हैं। (जैसे- मनुष्य, गाय, कुत्ता, हाथी, चमगादड़)।
- अंडायुज (Oviparous - अंडे देने वाले):
- पहचान: जिन जानवरों के कान बाहर नहीं दिखाई देते (सिर्फ छेद होते हैं) और जिनके शरीर पर बाल नहीं होते, वे अंडे देते हैं। (जैसे- सांप, छिपकली, पक्षी, मेंढक)।
🔹 4. विशिष्ट जंतुओं के रोचक तथ्य (Special Animals)
🌟 1. स्लॉथ (Sloth) - [सबसे आलसी जानवर]
- यह भालू जैसा दिखता है, पर भालू नहीं है। यह मध्य और दक्षिण अमेरिका में पाया जाता है।
- विशेषता: यह दिन के लगभग 17 घंटे पेड़ से उल्टे सिर लटककर मस्ती से सोता है।
- यह जिस पेड़ पर रहता है, उसी के पत्ते खाता है।
- इसका जीवनकाल लगभग 40 वर्ष होता है और अपने पूरे जीवन में यह मुश्किल से 8 पेड़ों पर ही घूम पाता है। यह सप्ताह में केवल एक बार शौच के लिए पेड़ से नीचे उतरता है।
🌟 2. बाघ (Tiger)
- बाघ अँधेरे में हम इंसानों से 6 गुना बेहतर देख सकता है।
- बाघ की मूंछें हवा में हुए कंपन को भांप लेती हैं, जिससे उसे शिकार की बिल्कुल सही स्थिति का पता चल जाता है।
- बाघ की दहाड़ (Roar) लगभग 3 किलोमीटर दूर तक सुनी जा सकती है।
- बाघ अपना इलाका (Area) अपने 'मूत्र' (Urine) की गंध से तय करता है।
🌟 3. हाथी (Elephant)
- एक बड़ा हाथी एक दिन में 100 किलोग्राम (1 क्विंटल) से ज़्यादा पत्ते और झाड़ियां खा लेता है।
- हाथी बहुत कम आराम करता है, यह दिन में केवल 2 से 4 घंटे ही सोता है।
- हाथियों के झुंड में केवल हथिनियां (मादा) और बच्चे होते हैं। झुंड की सबसे बुज़ुर्ग हथिनी ही पूरे झुंड की नेता (Leader) होती है।
- एक झुंड में 10 से 12 जानवर होते हैं। नर हाथी (Male) 14-15 साल की उम्र में झुंड छोड़कर अकेले रहने लगता है।
🌟 4. सांप (Snake)
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हमारे देश भारत में केवल 4 प्रकार के ज़हरीले सांप पाए जाते हैं:
- कोबरा (नाग)
- करैत
- दुबइया (रसेल वाइपर)
- अफाई (सॉ-स्केल्ड वाइपर)।
- सांप के दो खोखले ज़हर वाले दांत (Fangs) होते हैं।
- सांप के ज़हर से बचने की दवा (सीरम) सांप के ज़हर से ही बनाई जाती है।
- सांप के कान नहीं होते, वह ज़मीन पर होने वाले 'कंपन' (Vibration) को महसूस करके प्रतिक्रिया करता है।
- कालबेलिया: राजस्थान के सपेरों की एक जाति है जो सांपों को नचाने का काम करती है।
🔹 5. वन्यजीव संरक्षण और रेड डाटा बुक
- लगातार शिकार और जंगलों के कटने से कई जानवर खतरे में हैं (जैसे- बाघ, गैंडा)।
- रेड डाटा बुक (Red Data Book): यह विश्व की एक संस्था 'IUCN' द्वारा जारी की जाती है। इस किताब में दुनिया भर के संकटग्रस्त (Endangered) और विलुप्त हो रहे जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों का रिकॉर्ड रखा जाता है।
भारत के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान (National Parks):
- जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क: यह भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान है जो 'उत्तराखंड' में है। (बाघ के लिए प्रसिद्ध)।
- काज़ीरंगा नेशनल पार्क: यह 'असम' में है और 'एक सींग वाले गैंडे' के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।
- गिर राष्ट्रीय उद्यान: यह 'गुजरात' में है और 'एशियाई शेरों' (बब्बर शेर) के लिए जाना जाता है।
- दुधवा नेशनल पार्क: यह 'उत्तर प्रदेश' (लखीमपुर खीरी) में स्थित है।
🔹 6. UPTET विशेष: परीक्षा में छपने वाले 10 महत्वपूर्ण तथ्य (One-Liners)
UPTET Paper 1 के लिए SK SACHIN CLASSES के ये 'रामबाण' बिंदु बिल्कुल रट लें:
- शिकारी पौधा: नेपेंथीस (घटपर्णी) जो भारत के मेघालय में मिलता है।
- रेगिस्तानी ओक की जड़ें: पानी की तलाश में ज़मीन में बहुत गहरी जाती हैं।
- खेजड़ी की लकड़ी: इसमें कभी कीड़ा नहीं लगता।
- अमृता देवी बिश्नोई: राजस्थान में पेड़ों की रक्षा के लिए बलिदान दिया था।
- स्लॉथ की नींद: यह पेड़ पर उल्टा लटककर 17 घंटे सोता है।
- हाथी की नींद: यह केवल 2 से 4 घंटे सोता है।
- हाथियों के झुंड की नेता: सबसे बुज़ुर्ग हथिनी होती है।
- सांप की दवा: सीरम (जो सांप के ज़हर से ही बनती है)।
- बाघ की दृष्टि: अँधेरे में मनुष्य से 6 गुना तेज़ देखता है।
- रेड डाटा बुक: संकटग्रस्त प्रजातियों का रिकॉर्ड रखती है।
निष्कर्ष (Conclusion): पेड़-पौधे और जीव-जंतु हमारे पर्यावरण के सबसे खूबसूरत और महत्वपूर्ण हिस्से हैं। ये हमें ऑक्सीजन, भोजन और प्रकृति का संतुलन देते हैं। एक शिक्षक के रूप में यह हमारा कर्तव्य है कि हम बच्चों के मन में जानवरों और पेड़ों के प्रति दया और संरक्षण की भावना पैदा करें।
UPTET पर्यावरण: पेड़-पौधे एवं जंतु
- 📝 कुल प्रश्न : 50
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