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अध्याय – व्यक्तित्व का विकास एवं समायोजन
1. व्यक्तित्व का अर्थ (Personality)
व्यक्तित्व किसी व्यक्ति की बाहरी एवं आंतरिक विशेषताओं का समग्र रूप है, जो उसके व्यवहार, विचार, भावनाओं और प्रतिक्रियाओं में दिखाई देता है।
यह एक गतिशील प्रक्रिया है जो जीवन के अनुभवों, वातावरण, शरीर और मानसिक विकास के साथ निरंतर बदलती रहती है।
2. व्यक्तित्व की परिभाषाएँ
(1) गॉर्डन ऑलपोर्ट
"व्यक्तित्व उन मनोवैज्ञानिक प्रक्रियाओं का समग्र संगठन है जो व्यक्ति के पर्यावरण में अनुकूलन और प्रतिक्रिया को प्रभावित करती हैं।"
(2) वुडवर्थ
"व्यक्तित्व व्यक्ति की उन विशेषताओं का समुच्चय है जो उसे विशिष्ट बनाती हैं।"
(3) स्किनर (Skinner)
"व्यक्तित्व व्यवहार का सीखा हुआ पैटर्न है।"
(4) फ्रायड (Freud)
"व्यक्तित्व अचेतन मन की शक्तियों, संघर्षों और इच्छाओं का परिणाम है।"
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3. व्यक्तित्व के घटक
1. शारीरिक घटक – शरीर की बनावट, स्वास्थ्य, कद-काठी, रंग आदि।
2. मानसिक घटक – बुद्धि, स्मरण शक्ति, सोचने की क्षमता।
3. भावनात्मक घटक – प्रेम, क्रोध, डर, खुशी आदि।
4. सामाजिक घटक – व्यवहार, सहयोग, नेतृत्व क्षमता।
5. नैतिक घटक – अच्छे-बुरे का ज्ञान, आदर्शों का पालन।
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4. व्यक्तित्व का विकास
व्यक्तित्व जन्म से नहीं होता, बल्कि धीरे-धीरे विकसित होता है। यह निम्न कारकों पर निर्भर करता है:
(A) जैविक कारक
आनुवंशिकता (Heredity) – माता-पिता से प्राप्त गुण।
शारीरिक स्वास्थ्य – अच्छा स्वास्थ्य मानसिक विकास में सहायक होता है।
(B) मानसिक एवं भावनात्मक कारक
आत्मविश्वास
सोचने और समस्याओं को हल करने की क्षमता
भावनात्मक स्थिरता
(C) सामाजिक कारक
परिवार का वातावरण
स्कूल की शिक्षा
मित्रों का सहयोग
समाज का प्रभाव
(D) सांस्कृतिक कारक
परंपरा, भाषा, धर्म, रीति-रिवाज से व्यक्तित्व पर प्रभाव पड़ता है।
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5. व्यक्तित्व विकास के चरण (Stages of Personality Development)
1. शैशव अवस्था – माता-पिता से लगाव, भाषा का प्रारंभ, विश्वास विकसित होता है।
2. बाल्य अवस्था – खेल, अनुकरण, सामाजिक व्यवहार की शुरुआत।
3. किशोर अवस्था – पहचान की तलाश, आत्मसम्मान, मित्रों का प्रभाव।
4. युवा अवस्था – लक्ष्य निर्धारण, आत्मनिर्भरता, जिम्मेदारी।
5. वयस्क अवस्था – स्थिरता, निर्णय क्षमता, नेतृत्व।
6. वृद्ध अवस्था – अनुभव का उपयोग, आत्मचिंतन।
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6. व्यक्तित्व के सिद्धांत
(1) फ्रायड का मनोविश्लेषण सिद्धांत (Psychoanalytic Theory Freud)
व्यक्तित्व तीन भागों में बंटा है –
1. इड (Id) – सहज प्रवृत्तियाँ
2. ईगो (Ego) – यथार्थ का संतुलन
3. सुपर ईगो (Superego) – नैतिकता और आदर्श
(2) एरिक एरिक्सन का मनोसामाजिक सिद्धांत
व्यक्तित्व जीवन भर विकसित होता है। प्रत्येक चरण में मनो-सामाजिक संकट का समाधान जरूरी है।
(3) ऑलपोर्ट का गुण सिद्धांत (Trait Theory)
व्यक्तित्व स्थायी गुणों का समूह है जो व्यक्ति के व्यवहार को प्रभावित करता है।
(4) स्किनर का व्यवहारवादी दृष्टिकोण
व्यक्तित्व सीखे हुए व्यवहार का परिणाम है। पुरस्कार और दंड से व्यवहार प्रभावित होता है।
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7. समायोजन का अर्थ (Adjustment)
समायोजन का मतलब है – व्यक्ति का अपने वातावरण से तालमेल बिठाना।
जब व्यक्ति अपने शारीरिक, मानसिक और सामाजिक परिवेश के साथ संतुलित होकर जीवन जीता है तो उसे समायोजित कहा जाता है।
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8. समायोजन के प्रकार
1. शारीरिक समायोजन – स्वास्थ्य, भोजन, नींद से संबंधित।
2. मानसिक समायोजन – तनाव, चिंता, डर आदि का सामना करना।
3. सामाजिक समायोजन – परिवार, स्कूल, मित्रों से तालमेल।
4. व्यावसायिक समायोजन – कार्यस्थल पर भूमिका निभाना।
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9. समायोजन की आवश्यकता
मानसिक शांति बनाए रखने में सहायक।
आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ती है।
तनाव, चिंता, भय को कम करता है।
सामाजिक जीवन में संतुलन और सहयोग बढ़ाता है।
व्यक्तित्व को सकारात्मक दिशा देता है।
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10. समायोजन में बाधाएँ (Obstacles in Adjustment)
आत्महीनता
निराशा
असफलता का डर
पारिवारिक कलह
शिक्षा में कठिनाइयाँ
समाज से अलगाव
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11. समायोजन के उपाय
सकारात्मक सोच अपनाना
अच्छे मित्र बनाना
कठिनाइयों से भागने के बजाय सामना करना
योग और ध्यान से मानसिक संतुलन
आत्मविश्वास विकसित करना
समय प्रबंधन करना
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12. व्यक्तित्व और समायोजन का संबंध
अच्छे समायोजन से व्यक्तित्व मजबूत बनता है।
समायोजन की कमी से व्यक्ति असुरक्षित, चिड़चिड़ा और असंतुलित हो सकता है।
समायोजन एक प्रक्रिया है, जबकि व्यक्तित्व उसका परिणाम।
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13. परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
✔ व्यक्तित्व की परिभाषाएँ – गॉर्डन ऑलपोर्ट, वुडवर्थ, स्किनर, फ्रायड
✔ व्यक्तित्व के घटक – शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक, नैतिक
✔ व्यक्तित्व विकास के कारक – जैविक, मानसिक, सामाजिक, सांस्कृतिक
✔ व्यक्तित्व के सिद्धांत – फ्रायड, एरिक्सन, ऑलपोर्ट, स्किनर
✔ समायोजन का अर्थ, प्रकार, आवश्यकता, बाधाएँ और उपाय
✔ समायोजन और व्यक्तित्व का संबंध
✔ जीवन के विभिन्न चरणों में व्यक्तित्व का विकास।।
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महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (प्रश्न 1–30)
प्रश्न 1
व्यक्तित्व का अर्थ है—
(A) व्यक्ति की शारीरिक बनावट
(B) व्यक्ति के विचार, भावनाएँ और व्यवहार का समग्र रूप
(C) व्यक्ति का शिक्षा स्तर
(D) केवल मानसिक स्थिति
उत्तर: (B) व्यक्ति के विचार, भावनाएँ और व्यवहार का समग्र रूप।
व्याख्या: व्यक्तित्व व्यक्ति की मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक तथा शारीरिक विशेषताओं का समग्र रूप है, जो उसके व्यवहार और प्रतिक्रिया को प्रभावित करता है।
➡ UP TET 2021
प्रश्न 2
व्यक्तित्व का विकास किस प्रकार होता है?
(A) केवल जन्मजात गुणों से
(B) केवल शिक्षा से
(C) जन्मजात गुणों और अनुभवों दोनों से
(D) केवल वातावरण से
उत्तर: (C) जन्मजात गुणों और अनुभवों दोनों से।
व्याख्या: व्यक्तित्व न तो पूरी तरह जन्म से मिलता है और न ही केवल शिक्षा से। यह वंशानुक्रम और वातावरण, दोनों से प्रभावित होकर विकसित होता है।
➡ UP TET 2019
प्रश्न 3
गॉर्डन ऑलपोर्ट के अनुसार व्यक्तित्व का मुख्य आधार क्या है?
(A) केवल मानसिक रोग
(B) व्यक्ति की आदतें, रुचियाँ और लक्ष्य
(C) शारीरिक कमजोरी
(D) बाहरी सौंदर्य
उत्तर: (B) व्यक्ति की आदतें, रुचियाँ और लक्ष्य।
व्याख्या: ऑलपोर्ट ने व्यक्तित्व को व्यक्ति की स्थायी विशेषताओं का समूह माना और आदत, रुचि, मूल्य और लक्ष्य को इसकी मुख्य आधारशिला बताया।
➡ UP TET 2020
प्रश्न 4
कैटल ने व्यक्तित्व को कितने गुणों में विभाजित किया?
(A) 12
(B) 14
(C) 16
(D) 18
उत्तर: (C) 16
व्याख्या: कैटल ने व्यक्तित्व गुणों का विश्लेषण कर 16 मुख्य व्यक्तित्व गुण बताए जिन्हें सतही और मूल गुणों में विभाजित किया।
➡ UP TET 2018
प्रश्न 5
फ्रायड के अनुसार व्यक्तित्व के कितने घटक होते हैं?
(A) 2
(B) 3
(C) 4
(D) 5
उत्तर: (B) 3
व्याख्या: फ्रायड ने व्यक्तित्व को इड (Id), ईगो (Ego), और सुपरेगो (Superego) में विभाजित किया। ये व्यक्ति के इच्छाओं, सामाजिक मानकों और वास्तविकता के बीच संतुलन बनाते हैं।
➡ UP TET 2017
प्रश्न 6
व्यक्तित्व विकास के मनोसामाजिक चरणों का प्रतिपादन किसने किया?
(A) गॉर्डन ऑलपोर्ट
(B) कैटल
(C) एरिक्सन
(D) स्किनर
उत्तर: (C) एरिक्सन
व्याख्या: एरिक्सन ने जीवन को आठ मनोसामाजिक चरणों में विभाजित कर प्रत्येक चरण में समायोजन और संतुलन की आवश्यकता बताई।
➡ UP TET 2021
प्रश्न 7
समायोजन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(A) मानसिक तनाव बढ़ाना
(B) वातावरण से तालमेल बैठाना
(C) शारीरिक कमजोरी दूर करना
(D) शिक्षा में पिछड़ना
उत्तर: (B) वातावरण से तालमेल बैठाना।
व्याख्या: समायोजन का अर्थ व्यक्ति का अपने सामाजिक और मानसिक वातावरण के अनुरूप व्यवहार करना है, जिससे मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास बढ़ता है।
➡ UP TET 2019
प्रश्न 8
समायोजन के कौन-कौन से प्रकार होते हैं?
(A) केवल सकारात्मक
(B) केवल नकारात्मक
(C) सकारात्मक और नकारात्मक दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (C) सकारात्मक और नकारात्मक दोनों।
व्याख्या: समायोजन सकारात्मक भी हो सकता है जिससे मानसिक संतुलन बनता है, और नकारात्मक भी जिससे तनाव व अवसाद बढ़ते हैं।
➡ UP TET 2020
प्रश्न 9
व्यक्तित्व के विकास को प्रभावित करने वाले कारक हैं—
(A) केवल वंशानुक्रम
(B) केवल सामाजिक परिवेश
(C) वंशानुक्रम, परिवार, समाज और शिक्षा सभी
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (C) वंशानुक्रम, परिवार, समाज और शिक्षा सभी।
व्याख्या: व्यक्तित्व कई कारकों से प्रभावित होता है जैसे जन्मजात गुण, परिवार का वातावरण, शिक्षा, समाज, संस्कृति, आर्थिक स्थिति आदि।
➡ UP TET 2018
प्रश्न 10
समायोजन में सहायता देने वाला एक प्रमुख घटक कौन-सा है?
(A) आत्म-अविश्वास
(B) आत्मस्वीकृति
(C) मानसिक तनाव
(D) अकेलापन
उत्तर: (B) आत्मस्वीकृति।
व्याख्या: आत्मस्वीकृति से व्यक्ति अपनी क्षमताओं और सीमाओं को स्वीकार करता है, जिससे समायोजन करना आसान होता है।
➡ UP TET 2021
प्रश्न 11
व्यक्तित्व के अध्ययन में ‘पर्यावरण’ का क्या योगदान है?
(A) कोई योगदान नहीं
(B) मानसिक रोग बढ़ाना
(C) व्यवहार को प्रभावित करना
(D) केवल शारीरिक गठन बदलना
उत्तर: (C) व्यवहार को प्रभावित करना।
व्याख्या: वातावरण व्यक्ति के विचार, भाषा, संस्कृति और सामाजिक संपर्क को प्रभावित करता है, जिससे उसके व्यवहार और व्यक्तित्व का निर्माण होता है।
➡ UP TET 2019
प्रश्न 12
निम्नलिखित में से कौन-सा व्यक्तित्व का घटक नहीं है?
(A) शारीरिक बनावट
(B) मानसिक क्षमता
(C) भावनात्मक प्रतिक्रिया
(D) भाषा का उच्चारण
उत्तर: (D) भाषा का उच्चारण।
व्याख्या: भाषा का उच्चारण व्यक्तित्व का मुख्य घटक नहीं है, जबकि शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक पहलू व्यक्तित्व को प्रभावित करते हैं।
➡ UP TET 2020
प्रश्न 13
फ्रायड ने ‘इड’ (Id) को किस रूप में बताया?
(A) सामाजिक नियमों का पालन करने वाला
(B) अवचेतन इच्छाओं का केंद्र
(C) शारीरिक कमजोरी का स्रोत
(D) बाहरी वातावरण का प्रभाव
उत्तर: (B) अवचेतन इच्छाओं का केंद्र।
व्याख्या: ‘इड’ व्यक्ति की मूल इच्छाओं और प्रवृत्तियों का केंद्र है जो तात्कालिक सुख की खोज में रहता है।
➡ UP TET 2017
प्रश्न 14
एरिक्सन के अनुसार व्यक्तित्व विकास के लिए किस चरण में विश्वास और अविश्वास का संतुलन जरूरी है?
(A) किशोरावस्था
(B) वृद्धावस्था
(C) शैशवावस्था
(D) युवावस्था
उत्तर: (C) शैशवावस्था।
व्याख्या: शैशवावस्था में बच्चा अपने माता-पिता से विश्वास और सुरक्षा की भावना प्राप्त करता है। यही विश्वास आगे चलकर समायोजन में मदद करता है।
➡ UP TET 2021
प्रश्न 15
व्यक्तित्व के अध्ययन में ‘आत्म-सम्मान’ का क्या महत्व है?
(A) तनाव बढ़ाता है
(B) असुरक्षा पैदा करता है
(C) मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास देता है
(D) शिक्षा में बाधा डालता है
उत्तर: (C) मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास देता है।
व्याख्या: आत्म-सम्मान व्यक्ति को अपनी पहचान स्वीकार करने में मदद करता है, जिससे मानसिक मजबूती और समायोजन की क्षमता बढ़ती है।
➡ UP TET 2019
प्रश्न 16
‘सकारात्मक समायोजन’ का क्या अर्थ है?
(A) वातावरण से तालमेल न
बैठाना
(B) तनाव में रहना
(C) मानसिक संतुलन बनाए रखना
(D) समाज से अलग रहना
उत्तर: (C) मानसिक संतुलन बनाए रखना।
व्याख्या: सकारात्मक समायोजन वह स्थिति है जिसमें व्यक्ति अपने वातावरण से तालमेल बैठाकर आत्मविश्वास और संतुलन बनाए रखता है।
➡ UP TET 2020
प्रश्न 17
‘नकारात्मक समायोजन’ का परिणाम क्या होता है?
(A) आत्मविश्वास बढ़ता है
(B) मानसिक तनाव बढ़ता है
(C) सामाजिक सम्मान प्राप्त होता है
(D) शिक्षा में प्रगति होती है
उत्तर: (B) मानसिक तनाव बढ़ता है।
व्याख्या: नकारात्मक समायोजन तब होता है जब व्यक्ति अपने वातावरण के अनुरूप नहीं ढल पाता, जिससे तनाव, असुरक्षा और मानसिक असंतुलन की स्थिति पैदा होती है।
➡ UP TET 2019
प्रश्न 18
व्यक्तित्व विकास में ‘परिवार’ का क्या योगदान है?
(A) केवल शारीरिक विकास में मदद
(B) व्यक्ति के भावनात्मक और सामाजिक गुणों का निर्माण
(C) शिक्षा में बाधा डालना
(D) मानसिक रोग पैदा करना
उत्तर: (B) व्यक्ति के भावनात्मक और सामाजिक गुणों का निर्माण।
व्याख्या: परिवार ही व्यक्ति का पहला सामाजिक वातावरण होता है, जहाँ से उसे प्रेम, अनुशासन, सहयोग और सुरक्षा का अनुभव मिलता है, जो व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक है।
➡ UP TET 2020
प्रश्न 19
‘समायोजन’ की प्रक्रिया किसमें सहायक होती है?
(A) केवल पढ़ाई में
(B) व्यक्ति की मानसिक मजबूती में
(C) समाज से दूरी बनाने में
(D) शारीरिक कमजोरी बढ़ाने में
उत्तर: (B) व्यक्ति की मानसिक मजबूती में।
व्याख्या: समायोजन मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और समस्याओं से निपटने की क्षमता को विकसित करता है, जिससे व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में भी संतुलित रह सकता है।
➡ UP TET 2021
प्रश्न 20
व्यक्तित्व के विकास को प्रभावित करने वाला सबसे पहला वातावरण कौन-सा होता है?
(A) विद्यालय
(B) समाज
(C) परिवार
(D) कार्यस्थल
उत्तर: (C) परिवार।
व्याख्या: परिवार ही वह पहला वातावरण है जहाँ बच्चा जन्म से लेकर प्रारंभिक वर्षों में प्रेम, देखभाल, भाषा और संस्कृति का अनुभव करता है, जो आगे चलकर उसके व्यक्तित्व का आधार बनता है।
➡ UP TET 2018
21
फ्रायड के ‘सुपरेगो’ का कार्य क्या है?
(A) इच्छाओं को पूरा करना
(B) केवल शारीरिक आवश्यकताओं को पूरा करना
(C) नैतिकता और सामाजिक मानकों का पालन कराना
(D) मानसिक बीमारी उत्पन्न करना
उत्तर: (C) नैतिकता और सामाजिक मानकों का पालन कराना।
व्याख्या: सुपरेगो व्यक्ति को सही-गलत का बोध कराता है, सामाजिक नियमों का पालन करने की प्रेरणा देता है और उसके व्यवहार को नियंत्रित करता है।
➡ UP TET 2017
प्रश्न 22
व्यक्तित्व विकास में शिक्षा का क्या योगदान है?
(A) व्यक्ति को केवल किताबों का ज्ञान देना
(B) व्यवहार, सोच और दृष्टिकोण का विस्तार करना
(C) मानसिक तनाव पैदा करना
(D) केवल परीक्षा पास कराना
उत्तर: (B) व्यवहार, सोच और दृष्टिकोण का विस्तार करना।
व्याख्या: शिक्षा व्यक्ति की समझ, सोचने की क्षमता, सामाजिक व्यवहार और समस्या समाधान की क्षमता को विकसित करती है, जिससे उसका व्यक्तित्व निखरता है।
➡ UP TET 2019
प्रश्न 23
व्यक्तित्व का निर्माण किन तत्वों के समन्वय से होता है?
(A) वंशानुक्रम और वातावरण
(B) केवल वातावरण
(C) केवल वंशानुक्रम
(D) केवल मानसिक रोग
उत्तर: (A) वंशानुक्रम और वातावरण।
व्याख्या: व्यक्ति का व्यक्तित्व जन्मजात गुणों और बाहरी अनुभवों दोनों से प्रभावित होकर बनता है; किसी एक पहलू से इसका निर्माण संभव नहीं है।
➡ UP TET 2020
प्रश्न 24
‘समायोजन’ में विफलता का मुख्य कारण क्या हो सकता है?
(A) आत्म-स्वीकृति
(B) आत्मविश्वास
(C) आत्महीनता
(D) सकारात्मक सोच
उत्तर: (C) आत्महीनता।
व्याख्या: आत्महीनता के कारण व्यक्ति अपने आप पर विश्वास नहीं कर पाता, जिससे वह वातावरण से तालमेल नहीं बिठा पाता और समायोजन में विफल हो जाता है।
➡ UP TET 2021
प्रश्न 25
व्यक्तित्व की स्थिरता किससे बढ़ती है?
(A) मानसिक तनाव
(B) आत्मविश्वास और संतुलित सोच
(C) समाज से दूरी
(D) शारीरिक कमजोरी
उत्तर: (B) आत्मविश्वास और संतुलित सोच।
व्याख्या: आत्मविश्वास व्यक्ति को अपनी क्षमता पहचानने में मदद करता है और संतुलित सोच उसे परिस्थितियों के अनुसार व्यवहार करने में सक्षम बनाती है।
➡ UP TET 2018
प्रश्न 26
‘व्यक्तित्व’ का अध्ययन किस विज्ञान से संबंधित है?
(A) रसायन विज्ञान
(B) मनोविज्ञान
(C) भौतिक विज्ञान
(D) गणित
उत्तर: (B) मनोविज्ञान।
व्याख्या: मनोविज्ञान वह विज्ञान है जो मानव की मानसिक प्रक्रियाओं, व्यवहार और व्यक्तित्व के निर्माण का अध्ययन करता है।
➡ UP TET 2019
प्रश्न 27
समायोजन में किस प्रकार की सोच सहायक मानी जाती है?
(A) नकारात्मक सोच
(B) आत्महीन सोच
(C) सकारात्मक सोच
(D) उदासीन सोच
उत्तर: (C) सकारात्मक सोच।
व्याख्या: सकारात्मक सोच व्यक्ति को समस्याओं का समाधान खोजने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करती है, जिससे समायोजन की प्रक्रिया आसान होती है।
➡ UP TET 2020
प्रश्न 28
व्यक्तित्व का सबसे स्थायी पहलू कौन-सा होता है?
(A) शारीरिक स्वास्थ्य
(B) मानसिक और भावनात्मक प्रतिक्रियाएँ
(C) आर्थिक स्थिति
(D) शिक्षा का स्तर
उत्तर: (B) मानसिक और भावनात्मक प्रतिक्रियाएँ।
व्याख्या: व्यक्तित्व का स्थायी भाग व्यक्ति की मानसिक प्रवृत्तियों, भावनाओं और प्रतिक्रिया देने के ढंग से बनता है, जो समय के साथ भी बना रहता है।
➡ UP TET 2017
प्रश्न 29
कौन-सा तत्व व्यक्तित्व को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है?
(A) प्रेम और सहयोग
(B) अनुशासन
(C) तनाव और असफलता
(D) अच्छे मित्र
उत्तर: (C) तनाव और असफलता।
व्याख्या: लगातार तनाव और असफलता व्यक्ति में असुरक्षा, आत्महीनता और नकारात्मक व्यवहार उत्पन्न करती है, जिससे उसका व्यक्तित्व प्रभावित होता है।
➡ UP TET 2021
प्रश्न 30
समायोजन में व्यक्ति की सफलता किससे मापी जाती है?
(A) समाज से दूरी बनाकर
(B) मानसिक संतुलन बनाए रखते हुए
(C) शारीरिक रूप से दुर्बल होकर
(D) केवल पढ़ाई में अच्छे अंक
लाकर
उत्तर: (B) मानसिक संतुलन बनाए रखते हुए।
व्याख्या: समायोजन की सफलता इस बात से मापी जाती है कि व्यक्ति मानसिक तनाव से बचते हुए अपने सामाजिक वातावरण के साथ तालमेल बैठाकर जीवन में संतुलन बनाए रखे।
➡ UP TET 2020
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