CTET Hindi Pedagogy: Top 10 MCQs
प्रश्न 1: 'भाषा अर्जन' (Language Acquisition) के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?
A. यह एक प्रयासपूर्ण प्रक्रिया है।
B. यह केवल विद्यालय में ही संभव है।
C. यह एक सहज और स्वाभाविक प्रक्रिया है।
D. इसके लिए व्याकरण की पुस्तकों की आवश्यकता होती है।
उत्तर: C
व्याख्या: भाषा अर्जन (Acquisition) वह प्रक्रिया है जिसमें बालक अपने आसपास के वातावरण से सहज और स्वाभाविक रूप से भाषा सीखता है (जैसे- मातृभाषा)। जबकि भाषा अधिगम (Learning) एक प्रयासपूर्ण प्रक्रिया है जो विद्यालय में होती है।
प्रश्न 2: "बच्चों में भाषा सीखने की क्षमता जन्मजात होती है।" यह विचार किसका है?
A. एल.एस. वाइगोत्सकी
B. बी.एफ. स्किनर
C. नोम चॉमस्की
D. जीन पियाजे
उत्तर: C
व्याख्या: नोम चॉमस्की (Noam Chomsky) का मानना है कि बच्चों के मस्तिष्क में 'भाषा अर्जन यंत्र' (Language Acquisition Device - LAD) होता है, जिससे वे व्याकरण के नियम खुद बना लेते हैं। उनकी क्षमता जन्मजात (Innate) होती है।
प्रश्न 3: वाइगोत्सकी (Vygotsky) के अनुसार, भाषा सीखने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका किसकी है?
A. पाठ्य-पुस्तक की
B. सामाजिक अंतःक्रिया (Social Interaction) की
C. व्याकरण के नियमों की
D. विद्यालय की परीक्षाओं की
उत्तर: B
व्याख्या: लेव वाइगोत्सकी ने 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' दिया था। उनका मानना था कि बच्चे समाज और परिवार के साथ बातचीत (अंतःक्रिया) करके ही भाषा और विचार सीखते हैं।
प्रश्न 4: प्राथमिक स्तर पर 'पढ़ना सीखने' में सबसे कम महत्वपूर्ण क्या है?
A. संदर्भानुसार अर्थ
B. अक्षरों की पहचान
C. पढ़ने का उद्देश्य
D. पढ़ने की गति
उत्तर: B
व्याख्या: आधुनिक पेडागोजी में अक्षरों की पहचान (Decoding) को अर्थ ग्रहण करने (Meaning Making) की तुलना में कम महत्वपूर्ण माना जाता है। पढ़ना केवल अक्षरों को बोलना नहीं है, बल्कि संदर्भ के अनुसार अर्थ समझना सबसे ज़रूरी है।
प्रश्न 5: बहुभाषिकता (Multilingualism) हमारी पहचान भी है और हमारी ____ व ____ का अभिन्न अंग भी।
A. सभ्यता, संस्कृति
B. सभ्यता, साहित्य
C. संस्कृति, साहित्य
D. संस्कृति, चुनौती
उत्तर: A
व्याख्या: भारत एक बहुभाषी देश है। अलग-अलग भाषाएँ हमारी सभ्यता और संस्कृति का निर्माण करती हैं। NCF 2005 के अनुसार, बहुभाषिकता कक्षा में एक 'संसाधन' (Resource) के रूप में कार्य करती है, न कि बाधा के रूप में।
प्रश्न 6: प्राथमिक स्तर पर बच्चों की भाषा का आकलन (Assessment) करने में सबसे अधिक कारगर क्या है?
A. लिखित परीक्षा
B. पोर्टफोलियो (Portfolio)
C. श्रुतलेख (Dictation)
D. जांच सूची
उत्तर: B
व्याख्या: पोर्टफोलियो में बच्चे द्वारा समय-समय पर किए गए कार्यों (ड्राइंग, लेखन, गतिविधि) का संग्रह होता है। इससे बच्चे की क्रमिक प्रगति (Gradual Progress) का सही पता चलता है, जो आकलन का सबसे अच्छा तरीका है।
प्रश्न 7: भाषा सीखने में होने वाली 'त्रुटियाँ' (Errors):
A. सीखने की प्रक्रिया का एक स्वाभाविक हिस्सा हैं।
B. बच्चों की असफलता को दर्शाती हैं।
C. शिक्षण पद्धति की कमी बताती हैं।
D. इन्हें तुरंत कठोरता से सुधारना चाहिए।
उत्तर: A
व्याख्या: त्रुटियाँ सीखने-सिखाने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। ये बताती हैं कि बच्चे कैसे सोच रहे हैं। इन्हें 'Learning Windows' (सीखने की खिड़कियां) भी कहा जाता है।
प्रश्न 8: "स्टीफन क्रेशन" (Stephen Krashen) के अनुसार, यदि शिक्षार्थी को उनकी वर्तमान क्षमता से थोड़ा उच्च स्तर का भाषाई इनपुट दिया जाए, तो वे भाषा बेहतर सीखते हैं। इसे क्या कहते हैं?
A. प्राकृतिक क्रम परिकल्पना
B. बोधगम्य निवेश (Comprehensible Input)
C. मॉनीटर परिकल्पना
D. भावात्मक फिल्टर
उत्तर: B
व्याख्या: इसे 'i + 1' का सिद्धांत भी कहते हैं। जहाँ 'i' बच्चे का वर्तमान स्तर है और '+1' उससे थोड़ा ऊपर का स्तर। इसे बोधगम्य निवेश (Comprehensible Input) कहा जाता है।
प्रश्न 9: एक समावेशी कक्षा (Inclusive Classroom) में भाषा शिक्षक को क्या करना चाहिए?
A. प्रतिभाशाली बच्चों पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
B. अक्षम बच्चों को अलग पढ़ाना चाहिए।
C. विभिन्न प्रकार की दृश्य-श्रव्य सामग्री (Audio-Visual Aids) का उपयोग करना चाहिए।
D. केवल पाठ्य-पुस्तक पर निर्भर रहना चाहिए।
उत्तर: C
व्याख्या: समावेशी कक्षा में हर तरह के बच्चे होते हैं। उनकी विविध आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शिक्षक को विविध संसाधनों (दृश्य-श्रव्य सामग्री) का उपयोग करना चाहिए ताकि सभी बच्चे सीख सकें।
प्रश्न 10: 'स्केफोल्डिंग' (Scaffolding/पाड़) का अर्थ क्या है?
A. रटकर याद करना।
B. समस्या समाधान के लिए बड़ों द्वारा दिया गया अस्थायी सहयोग।
C. बच्चों को उत्तर बता देना।
D. परीक्षा में नकल कराना।
उत्तर: B
व्याख्या: यह अवधारणा वाइगोत्सकी से जुड़ी है। जब बच्चा किसी काम को खुद नहीं कर पाता, तो बड़ों या शिक्षकों द्वारा दी गई शुरुआती या अस्थायी मदद (इशारा करना, संकेत देना, आधा हल करना) को पाड़ या स्केफोल्डिंग कहते हैं।
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