🌟 UPTET 2026: पर्यावरण (EVS) अध्याय 11 (Part 2) - भारतीय शासन व्यवस्था एवं पंचायती राज (विस्तृत नोट्स) 🌟
दोस्तों, SK SACHIN CLASSES के पर्यावरण अध्ययन (EVS) सीरीज़ में आपका एक बार फिर से स्वागत है।
'संविधान' अध्याय के पिछले भाग में हमने मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों को समझा था। आज के इस 'पार्ट 2' में हम समझेंगे कि हमारे देश का शासन कैसे चलता है। देश के कानून कहाँ बनते हैं? प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति कैसे काम करते हैं? और गाँवों में विकास के लिए ग्राम पंचायत कैसे काम करती है? UPTET की परीक्षा में 'पंचायती राज' और 'संसद' से 3 से 4 प्रश्न निश्चित रूप से पूछे जाते हैं। आइए, इसे बहुत ही आसान भाषा में रट लेते हैं।
🔹 1. संघीय कार्यपालिका (Union Executive)
कार्यपालिका का काम देश में कानूनों को लागू करना होता है। इसमें मुख्य रूप से राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शामिल होते हैं।
🌟 राष्ट्रपति (President of India)
- भारत का राष्ट्रपति देश का प्रथम नागरिक होता है।
- यह देश की तीनों सेनाओं (जल, थल, वायु) का सर्वोच्च सेनापति होता है।
- योग्यता: राष्ट्रपति बनने के लिए न्यूनतम आयु पैंतीस वर्ष होनी चाहिए।
- कार्यकाल और त्यागपत्र: इनका कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है। ये अपना त्यागपत्र 'उपराष्ट्रपति' को देते हैं।
- शपथ: राष्ट्रपति को शपथ भारत का मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) दिलाता है।
🌟 प्रधानमंत्री (Prime Minister)
- प्रधानमंत्री वास्तविक कार्यपालिका का प्रमुख होता है। (राष्ट्रपति केवल नाममात्र का प्रमुख होता है)।
- राष्ट्रपति ही लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल के नेता को प्रधानमंत्री नियुक्त करता है।
- प्रधानमंत्री बनने के लिए न्यूनतम आयु पच्चीस वर्ष होनी चाहिए (यदि वह लोकसभा का सदस्य है)।
🔹 2. संघीय व्यवस्थापिका - संसद (Parliament of India)
व्यवस्थापिका का काम देश के लिए 'कानून बनाना' है। भारत की व्यवस्थापिका को 'संसद' कहा जाता है।
- संसद के अंग: संसद मुख्य रूप से तीन अंगों से मिलकर बनती है— राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा।
🌟 A. लोकसभा (Lok Sabha)
- इसे संसद का 'निम्न सदन' या 'अस्थायी सदन' (Lower House) कहा जाता है।
- कार्यकाल: इसका कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है (इसे पाँच साल से पहले भी राष्ट्रपति द्वारा भंग किया जा सकता है)।
- योग्यता: लोकसभा का सदस्य (सांसद) बनने के लिए न्यूनतम आयु पच्चीस वर्ष होनी चाहिए।
- अधिकतम सदस्य: लोकसभा में अधिकतम पाँच सौ बावन सदस्य हो सकते हैं।
- धन विधेयक: 'धन विधेयक' (पैसे से जुड़ा कानून) सबसे पहले केवल लोकसभा में ही पेश किया जा सकता है। कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, इसका निर्णय 'लोकसभा अध्यक्ष' करता है।
🌟 B. राज्यसभा (Rajya Sabha)
- इसे संसद का 'उच्च सदन' या 'स्थायी सदन' (Upper House) कहा जाता है।
- स्थायी सदन: राज्यसभा कभी भंग नहीं होती। इसके एक तिहाई सदस्य हर दो साल में रिटायर हो जाते हैं।
- कार्यकाल: राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष का होता है।
- योग्यता: राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु तीस वर्ष होनी चाहिए।
- पदेन सभापति: भारत का 'उपराष्ट्रपति' ही राज्यसभा का अध्यक्ष (पदेन सभापति) होता है।
- राष्ट्रपति का मनोनयन: राष्ट्रपति राज्यसभा में कला, साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा के क्षेत्र से बारह सदस्यों को मनोनीत कर सकता है।
🔹 3. न्यायपालिका (Judiciary)
न्यायपालिका का काम कानूनों की रक्षा करना और न्याय देना है।
- सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court): यह भारत का सबसे बड़ा न्यायालय है, जो नई दिल्ली में स्थित है।
- न्यायाधीशों की नियुक्ति: सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और अन्य जजों की नियुक्ति 'राष्ट्रपति' करता है।
- सेवानिवृत्ति (Retirement): सर्वोच्च न्यायालय के जज पैंसठ वर्ष की आयु तक अपने पद पर काम कर सकते हैं।
- उच्च न्यायालय (High Court): यह राज्यों का सबसे बड़ा न्यायालय होता है। इसके जजों की रिटायरमेंट आयु बासठ वर्ष होती है।
🔹 4. पंचायती राज व्यवस्था (Panchayati Raj System) - [UPTET रामबाण]
गाँवों के विकास और शासन के लिए जो व्यवस्था बनाई गई है, उसे 'पंचायती राज' या 'स्थानीय स्वशासन' कहते हैं। UPTET में यहाँ से पक्के प्रश्न आते हैं।
- शुरुआत: भारत में पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत दो अक्टूबर उन्नीस सौ उनसठ को राजस्थान के नागौर ज़िले से हुई थी। (पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा)।
-
बलवंत राय मेहता समिति: इसी समिति की सिफारिश पर भारत में त्रि-स्तरीय (तीन स्तर वाली) पंचायती राज व्यवस्था लागू की गई।
- ग्राम स्तर पर: ग्राम पंचायत (इसका मुखिया 'प्रधान' या 'सरपंच' होता है)।
- खंड/ब्लॉक स्तर पर: पंचायत समिति (क्षेत्र पंचायत)।
- ज़िला स्तर पर: ज़िला पंचायत (ज़िला परिषद)।
- संविधान संशोधन: पंचायती राज को तिहत्तरवें संविधान संशोधन (1992) द्वारा संवैधानिक दर्जा दिया गया।
- अनुसूची: इसके लिए संविधान में ग्यारहवीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसमें पंचायतों को काम करने के लिए उनतीस विषय दिए गए।
- न्यूनतम आयु: पंचायत का चुनाव लड़ने (प्रधान बनने) के लिए न्यूनतम आयु इक्कीस वर्ष होनी चाहिए। (वोट डालने की आयु अठारह वर्ष है)।
- पंचायती राज दिवस: हर साल चौबीस अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है।
🔹 5. नगरीय स्वशासन (Urban Local Government)
शहरों के विकास और प्रशासन के लिए नगरीय व्यवस्था बनाई गई है।
- इसे चौहत्तरवें संविधान संशोधन के द्वारा लागू किया गया और संविधान में बारहवीं अनुसूची जोड़ी गई।
- शहरों की जनसंख्या के आधार पर इसे तीन भागों में बांटा जाता है:
- नगर पंचायत: जो गाँव शहर में बदल रहे हैं।
- नगर पालिका परिषद: छोटे शहरों के लिए।
- नगर निगम: बड़े महानगरों (जैसे- लखनऊ, कानपुर, दिल्ली) के लिए। नगर निगम के मुखिया को 'महापौर' (Mayor) कहा जाता है।
🔹 6. UPTET विशेष: परीक्षा में छपने वाले 10 महत्वपूर्ण तथ्य (One-Liners)
UPTET Paper 1 के लिए SK SACHIN CLASSES के ये 'रामबाण' बिंदु बिल्कुल रट लें:
- राष्ट्रपति बनने की न्यूनतम आयु: पैंतीस वर्ष।
- लोकसभा सदस्य बनने की न्यूनतम आयु: पच्चीस वर्ष।
- राज्यसभा सदस्य बनने की न्यूनतम आयु: तीस वर्ष।
- पंचायत चुनाव लड़ने की आयु: इक्कीस वर्ष।
- संसद का उच्च सदन: राज्यसभा (यह कभी भंग नहीं होता)।
- पंचायती राज की शुरुआत: नागौर (राजस्थान) से।
- त्रि-स्तरीय पंचायती राज: बलवंत राय मेहता समिति की देन है।
- संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची: पंचायती राज से संबंधित है।
- सर्वोच्च न्यायालय के जजों की सेवानिवृत्ति: पैंसठ वर्ष की आयु में।
- नगर निगम का मुखिया: महापौर (मेयर) कहलाता है।
निष्कर्ष (Conclusion): हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था गाँव की चौपाल (ग्राम पंचायत) से लेकर दिल्ली के संसद भवन तक फैली हुई है। एक आदर्श नागरिक और शिक्षक के रूप में यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपने शासन और प्रशासनिक ढांचे को भली-भांति समझें, ताकि हम अपने अधिकारों का सही उपयोग कर सकें और गाँव व देश के विकास में योगदान दे सकें।
अध्याय 11 पार्ट 1 के लिए यहां क्लिक करें
👇 50 प्रश्नों का UPTET स्पेशल EVS लाइव टेस्ट (पार्ट-2) 👇
UPTET पर्यावरण: शासन व्यवस्था (Part-2)
- 📝 कुल प्रश्न : 50
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