🌟 UPTET 2026: पर्यावरण (EVS) अध्याय 12 - पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी तंत्र (विस्तृत नोट्स) 🌟
दोस्तों, SK SACHIN CLASSES के पर्यावरण अध्ययन (EVS) सीरीज़ में आपका बहुत-बहुत स्वागत है।
"पर्यावरण" (Environment) हमारे UPTET सिलेबस का सबसे मुख्य और 'हार्ट (दिल)' वाला अध्याय है। हम जो सांस लेते हैं, जो पानी पीते हैं, और हमारे आस-पास के जीव-जंतु, ये सब पर्यावरण का हिस्सा हैं। UPTET की परीक्षा में 'खाद्य श्रृंखला (Food Chain)', 'ग्रीनहाउस गैसें', 'ओजोन परत', और 'चिपको आंदोलन' से हर साल 5 से 6 पक्के प्रश्न छपते हैं। महंगे पेड कोर्स को छोड़िए और आइए, इस फ्री 'टू-द-पॉइंट' नोट्स से अपनी 1 सीट पक्की करते हैं।
🔹 1. पर्यावरण का अर्थ एवं इसके घटक
अर्थ: 'पर्यावरण' शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है— परि + आवरण।
- 'परि' का अर्थ है 'चारों ओर' और 'आवरण' का अर्थ है 'ढका हुआ'। अर्थात्, जो हमें चारों ओर से घेरे हुए है, वही पर्यावरण है।
- पर्यावरण का अंग्रेजी शब्द 'Environment' फ्रेंच भाषा के शब्द 'Environner' (एनवायरोनर) से लिया गया है, जिसका अर्थ है 'पड़ोस' या 'चारों ओर'।
🌟 पर्यावरण के प्रमुख घटक (Components)
पर्यावरण मुख्य रूप से दो घटकों से मिलकर बनता है:
- जैविक घटक (Living Components): इसमें सभी जानदार (जीवित) चीज़ें आती हैं। जैसे- मनुष्य, पशु-पक्षी, कीड़े-मकोड़े, पेड़-पौधे और सूक्ष्म जीव (बैक्टीरिया)।
- अजैविक या भौतिक घटक (Non-Living Components): इसमें सभी निर्जीव चीज़ें आती हैं जो जीवन के लिए ज़रूरी हैं। जैसे- हवा (वायु), पानी (जल), मिट्टी, सूरज की रोशनी (प्रकाश) और तापमान।
🔹 2. पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem)
पारिस्थितिकी तंत्र वह तंत्र (सिस्टम) है जिसमें सभी जीव-जंतु और पेड़-पौधे अपने भौतिक पर्यावरण (हवा, पानी) के साथ मिलकर एक-दूसरे पर निर्भर रहते हुए जीवन जीते हैं।
- शब्द का प्रयोग: 'पारिस्थितिकी तंत्र' (Ecosystem) शब्द का सबसे पहले प्रयोग ए जी टांसले ने वर्ष 1935 में किया था। (UPTET का सबसे फेवरेट प्रश्न)।
- पारिस्थितिकी (Ecology): इस शब्द का सबसे पहले प्रयोग अर्न्स्ट हैकल ने किया था।
- प्रकृति का सबसे 'बड़ा और स्थायी' पारिस्थितिकी तंत्र 'महासागर' (समुद्र) है।
🌟 खाद्य श्रृंखला (Food Chain)
पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा (भोजन) के एक जीव से दूसरे जीव में जाने के सीधे क्रम को 'खाद्य श्रृंखला' कहते हैं।
- उत्पादक: हरे पेड़-पौधे जो अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।
- प्राथमिक उपभोक्ता: शाकाहारी जीव जो पौधों को खाते हैं (जैसे- टिड्डा, खरगोश, बकरी)।
- द्वितीयक उपभोक्ता: मांसाहारी जीव जो शाकाहारी जीवों को खाते हैं (जैसे- मेंढक, लोमड़ी)।
- तृतीयक उपभोक्ता: सर्वोच्च मांसाहारी (जैसे- शेर, बाघ, गिद्ध, मोर)।
- अपघटक: कवक और जीवाणु (बैक्टीरिया) जो मरे हुए जीवों को सड़ा-गला कर मिट्टी में मिला देते हैं। इन्हें 'प्रकृति का सफाईकर्मी' कहा जाता है।
उदाहरण: घास ➔ टिड्डा ➔ मेंढक ➔ सांप ➔ गिद्ध।
- लिंडेमान का दस प्रतिशत नियम: लिंडेमान के अनुसार, खाद्य श्रृंखला में जब ऊर्जा एक जीव से दूसरे जीव में जाती है, तो केवल 10 प्रतिशत ऊर्जा ही आगे बढ़ती है, बाकी 90 प्रतिशत ऊर्जा नष्ट हो जाती है।
🔹 3. पर्यावरण प्रदूषण (Environmental Pollution)
जब पर्यावरण में हानिकारक तत्व (गंदगी) मिल जाते हैं, तो उसे प्रदूषण कहते हैं।
-
वायु प्रदूषण (Air Pollution): * ग्रीनहाउस प्रभाव (Global Warming): पृथ्वी के तापमान का लगातार बढ़ना ग्लोबल वार्मिंग कहलाता है। इसके लिए सबसे मुख्य गैस कार्बन डाइऑक्साइड ज़िम्मेदार है। (अन्य गैसें: मीथेन, क्लोरोफ्लोरोकार्बन और नाइट्रस ऑक्साइड)।
- अम्लीय वर्षा (Acid Rain): कारखानों के धुएं से निकली सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड गैसें बारिश के पानी में मिलकर 'अम्ल' (Acid) बनाती हैं। इसी अम्लीय वर्षा के कारण ताजमहल का रंग पीला पड़ रहा है (इसे स्टोन लेप्रोसी कहते हैं)।
- ओजोन परत क्षरण: समताप मंडल में मौजूद 'ओजोन परत' हमें सूरज की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाती है। 'क्लोरोफ्लोरोकार्बन' (CFC) गैस (जो फ्रिज और एसी से निकलती है) ओजोन परत को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुँचाती है। ओजोन की मोटाई 'डॉबसन' इकाई में मापी जाती है।
- जल प्रदूषण: इसके बारे में हम पिछले 'जल' अध्याय में पढ़ चुके हैं (BOD, मिनीमाता रोग, इटाई-इटाई)।
- ध्वनि प्रदूषण: 80 डेसिबल से अधिक की तेज़ आवाज़ हमारे कानों और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है।
- मृदा प्रदूषण: खेतों में बहुत ज़्यादा रासायनिक खाद और कीटनाशकों (जैसे- DDT) का प्रयोग करने से मिट्टी ज़हरीली हो जाती है।
🔹 4. पर्यावरण संरक्षण के प्रमुख आंदोलन (Environmental Movements)
जंगलों और पर्यावरण को बचाने के लिए भारत में कई बड़े आंदोलन हुए हैं:
-
चिपको आंदोलन (1973): * यह उत्तराखंड (चमोली ज़िले) में हुआ था।
- यहाँ की महिलाएं पेड़ों को कटने से बचाने के लिए उनसे चिपक गई थीं।
- इसके प्रमुख नेता सुंदरलाल बहुगुणा और चंडी प्रसाद भट्ट थे।
- अप्पिको आंदोलन (1983): * यह 'दक्षिण भारत' (कर्नाटक) का चिपको आंदोलन था।
- इसके प्रणेता पांडुरंग हेगड़े थे।
- नर्मदा बचाओ आंदोलन (1989): * मध्य प्रदेश और गुजरात में नर्मदा नदी पर बन रहे बड़े बांधों के विरोध में यह आंदोलन हुआ था।
- इसकी प्रमुख नेता मेधा पाटकर और बाबा आम्टे हैं।
- बिश्नोई आंदोलन: यह राजस्थान में अमृता देवी बिश्नोई के नेतृत्व में खेजड़ी के पेड़ों को बचाने के लिए हुआ था।
🔹 5. प्रमुख पर्यावरण कानून एवं सम्मेलन (Acts & Summits)
- स्टॉकहोम सम्मेलन (1972): यह पर्यावरण की रक्षा के लिए दुनिया का पहला बड़ा सम्मेलन था। इसी सम्मेलन में तय हुआ था कि हर साल 5 जून को 'विश्व पर्यावरण दिवस' मनाया जाएगा।
- पृथ्वी सम्मेलन (1992): यह ब्राज़ील के रियो-डी-जेनेरियो शहर में हुआ था। इसमें 'एजेंडा इक्कीस' पारित किया गया था।
-
भारत के प्रमुख अधिनियम:
- वन्यजीव संरक्षण अधिनियम: उन्नीस सौ बहत्तर (1972)
- जल प्रदूषण निवारण अधिनियम: उन्नीस सौ चौहत्तर (1974)
- वन संरक्षण अधिनियम: उन्नीस सौ अस्सी (1980)
- पर्यावरण संरक्षण अधिनियम: उन्नीस सौ छियासी (1986) (यह सबसे ज़्यादा पूछा जाता है)।
- जैव विविधता अधिनियम: दो हज़ार दो (2002)
🔹 6. UPTET विशेष: महत्वपूर्ण पर्यावरण दिवस (Important Days)
UPTET Paper 1 के लिए SK SACHIN CLASSES के ये 'रामबाण' दिवस बिल्कुल रट लें:
- विश्व आर्द्रभूमि (दलदल) दिवस: दो फरवरी।
- विश्व वन्यजीव दिवस: तीन मार्च।
- विश्व वानिकी (वन) दिवस: इक्कीस मार्च।
- विश्व जल दिवस: बाईस मार्च।
- विश्व पृथ्वी दिवस: बाईस अप्रैल।
- विश्व जैव विविधता दिवस: बाईस मई।
- विश्व पर्यावरण दिवस: पाँच जून।
- विश्व ओजोन संरक्षण दिवस: सोलह सितंबर।
निष्कर्ष (Conclusion): पर्यावरण की रक्षा करना केवल सरकार का काम नहीं है, बल्कि यह हम सभी की ज़िम्मेदारी है।
🎯 UPTET 2026 पहली बार में क्रैक करना है? महंगे पेड कोर्स और भारी किताबों में उलझना छोड़ें!
SK SACHIN CLASSES के डेली 'टू-द-पॉइंट फ्री नोट्स' और 'लाइव क्विज' से स्मार्ट तैयारी करें। 📚✨
✅ हज़ारों छात्र रोज़ाना फ्री में तैयारी कर रहे हैं, आप पीछे मत रहें! अपनी 1 सीट पक्की करने के लिए तुरंत Follow करें: 👇
🔗 https://whatsapp.com/channel/0029VaAQNak6GcG7KoIjJZ0S
🚀 (अभी क्लिक करें और आज का टेस्ट दें!)
इस मैसेज को अपने हर ग्रुप और अपने साथियों को भेजें धन्यवाद् 🙏🙏
UPTET पर्यावरण: पर्यावरण व पारिस्थितिकी
- 📝 कुल प्रश्न : 50
- ✍️ Attempted : 0
- ⏭️ Skipped : 0
- ✅ सही उत्तर : 0
- ❌ गलत उत्तर : 0
- 📊 Accuracy : 0%
- ⏱️ Time Taken : 00:00

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें