🌟 UPTET 2026: पर्यावरण अध्ययन (EVS) अध्याय 9 (Part 1) - नदियां, पर्वत एवं पठार (विस्तृत नोट्स) 🌟
दोस्तों, SK SACHIN CLASSES के पर्यावरण अध्ययन (EVS) सीरीज़ में आपका बहुत-बहुत स्वागत है।
आज हम EVS का वह अध्याय पढ़ने जा रहे हैं जो UPTET का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है— भारत एवं विश्व का भूगोल। चूँकि यह अध्याय बहुत विशाल है, इसलिए आपकी सुविधा के लिए हमने इसे 2 भागों में बांटा है। आज के इस 'पार्ट 1' में हम भारत और विश्व की प्रमुख नदियों, पर्वतों (पहाड़ों) और पठारों से जुड़े उन सभी महत्वपूर्ण तथ्यों का अध्ययन करेंगे जो परीक्षा में सीधे-सीधे छपते हैं।
🔹 1. भारत की प्रमुख नदियां (Rivers of India)
भारत में 14 नदी बेसिन ऐसे हैं जिनका प्रवाह क्षेत्र बहुत विशाल है। नदियों को हिमालयी और प्रायद्वीपीय दो भागों में बांटा जाता है:
🌟 गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र (Ganga & Brahmaputra System)
-
गंगा नदी: * यह भारत की सबसे लंबी नदी है जिसकी कुल लंबाई 2525 किलोमीटर है।
- इसका उद्गम उत्तराखंड के गंगोत्री ग्लेशियर (गोमुख) से 'भागीरथी' के रूप में होता है।
- अलकनंदा नदी सतोपंथ हिमानी से निकलती है। देवप्रयाग में भागीरथी और अलकनंदा आपस में मिलती हैं और यहीं से इसका नाम 'गंगा' पड़ता है।
- गंगा नदी हरिद्वार के निकट मैदानी भाग में प्रवेश करती है।
- बंगाल (बांग्लादेश) में: गंगा नदी जब बांग्लादेश में प्रवेश करती है, तो इसे 'पद्मा' के नाम से जाना जाता है।
- ब्रह्मपुत्र नदी: * यह तिब्बत के मानसरोवर झील के पास से निकलती है। इसकी कुल लंबाई 2900 किलोमीटर है।
- बांग्लादेश में ब्रह्मपुत्र को 'जमुना' कहा जाता है।
- जब पद्मा (गंगा) और जमुना (ब्रह्मपुत्र) आपस में मिलती हैं, तो इनकी संयुक्त धारा को 'मेघना' कहा जाता है और अंत में ये बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं।
🌟 प्रायद्वीपीय भारत की नदियां (Peninsular Rivers)
ये नदियां मुख्य रूप से बारिश पर निर्भर करती हैं।
- गोदावरी नदी: यह महाराष्ट्र के नासिक ज़िले (त्र्यंबक गाँव) से निकलती है। यह दक्षिण भारत की सबसे लंबी नदी (1465 किलोमीटर) है।
- लंबाई के अनुसार दक्षिण की नदियां (घटता क्रम): गोदावरी > कृष्णा > नर्मदा > महानदी > कावेरी > ताप्ती।
- नर्मदा और ताप्ती: ये दोनों नदियां विंध्याचल और सतपुड़ा पर्वतों के बीच से बहती हैं और उल्टी दिशा में बहकर खंभात की खाड़ी (अरब सागर) में गिरती हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य:
- सिंधु जल समझौता (1960): इस समझौते के अनुसार भारत सिंधु नदी प्रणाली के कुल जल का केवल 20 प्रतिशत ही उपयोग कर सकता है।
🌟 विश्व की प्रमुख नदियां:
- नील नदी: विक्टोरिया झील से निकलती है और भूमध्य सागर में गिरती है (लंबाई 6650 किमी)। यह दुनिया की सबसे लंबी नदी है।
- अमेज़न: एंडीज़ पर्वत से निकलकर अटलांटिक महासागर में गिरती है।
🔹 2. भारत के प्रमुख पर्वत (Mountains of India)
पर्वत ज़मीन के वे ऊँचे हिस्से हैं जो अपने आस-पास के क्षेत्र से कम से कम 600 मीटर ऊँचे होते हैं।
🌟 1. विंध्याचल पर्वत:
- यह पश्चिम में गुजरात से लेकर पूर्व में उत्तर प्रदेश तक फैला है।
- यह पर्वत उत्तर भारत और दक्षिण भारत को स्पष्ट रूप से अलग करता है।
🌟 2. सतपुड़ा पर्वत:
- यह मध्य प्रदेश में नर्मदा और ताप्ती नदियों के बीच स्थित है।
- इसकी सबसे ऊँची चोटी 'धूपगढ़' (1350 मीटर) है।
🌟 3. पूर्वी घाट (Eastern Ghats):
- यह बंगाल की खाड़ी के समानांतर फैला है। इसकी सबसे ऊँची चोटी महेंद्रगिरि (1501 मीटर) है।
🌟 4. पश्चिमी घाट या सह्याद्रि (Western Ghats):
- यह ताप्ती नदी से लेकर कन्याकुमारी तक फैला है। महाराष्ट्र में इसे 'सह्याद्रि' कहते हैं।
- प्रायद्वीपीय भारत (दक्षिण भारत) की सबसे ऊँची चोटी 'अनाईमुडी' है, जो अन्नामलाई की पहाड़ियों पर स्थित है।
🌟 5. नीलगिरि की पहाड़ियां (Nilgiri Hills):
- यह वह स्थान है जहाँ पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट आपस में मिलते हैं (मिलन स्थल)।
- नीलगिरि की सबसे ऊँची चोटी 'दोदाबेट्टा' (Doddabetta) है।
🌟 6. अरावली पर्वत (Aravalli Range):
- यह गुजरात से लेकर दिल्ली तक फैला है। यह विश्व के सबसे पुराने पर्वतों में से एक है।
- इसकी सबसे ऊँची चोटी 'गुरु शिखर' (1772 मीटर) है, जो माउंट आबू में स्थित है।
🔹 3. निर्माण विधि के आधार पर पर्वतों के प्रकार
पर्वत मुख्य रूप से 4 प्रकार के होते हैं (UPTET में यहाँ से उदाहरण पूछे जाते हैं):
-
वलित पर्वत (Fold Mountains):
- पृथ्वी की आंतरिक शक्तियों के कारण जब चट्टानों में मोड़ (Fold) पड़ जाता है।
- ये दुनिया के सबसे ऊँचे पर्वत होते हैं।
- उदाहरण: हिमालय (एशिया), आल्प्स (यूरोप), रॉकीज़ (उत्तरी अमेरिका), और एंडीज़ (दक्षिणी अमेरिका)।
-
ब्लॉक या भ्रंशोत्थ पर्वत (Block Mountains):
- जब ज़मीन का कुछ हिस्सा धंस जाता है या ऊपर उठ जाता है।
- उदाहरण: नीलगिरि (भारत), ब्लैक फॉरेस्ट (जर्मनी), और साल्ट रेंज (पाकिस्तान)।
-
अवशिष्ट पर्वत (Residual Mountains):
- जो पर्वत हवा और पानी के कटाव के कारण घिसकर बहुत पुराने और छोटे रह गए हैं।
- उदाहरण: अरावली (भारत), विंध्याचल, सतपुड़ा।
-
ज्वालामुखी पर्वत (Volcanic Mountains):
- ज्वालामुखी के लावे और राख के इकट्ठा होने से बनते हैं।
- उदाहरण: कोटोपैक्सी (इक्वाडोर), फ्यूजीयामा (जापान), किलिमंजारो (अफ्रीका)।
🔹 4. विश्व और भारत के प्रमुख पठार (Plateaus)
पठार ज़मीन का वह उठा हुआ भाग होता है जो ऊपर से मेज़ के समान समतल (Flat) होता है।
- पामीर का पठार: इसे 'विश्व की छत' (Roof of the World) कहा जाता है। यह दुनिया का सबसे ऊँचा पठार है।
- तिब्बत का पठार: हिमालय के उत्तर में स्थित है।
- छोटा नागपुर का पठार: यह मुख्य रूप से झारखंड और पश्चिम बंगाल में है। खनिज संपदा की अधिकता के कारण इसे 'भारत का रूर' कहा जाता है।
- दक्कन का पठार: यह दक्षिण भारत का सबसे बड़ा पठार है जो ज्वालामुखी के लावे से बना है (काली मिट्टी का क्षेत्र)।
🔹 5. UPTET विशेष: परीक्षा में छपने वाले 10 महत्वपूर्ण तथ्य (One-Liners)
UPTET Paper 1 के लिए SK SACHIN CLASSES के ये 'रामबाण' बिंदु बिल्कुल रट लें:
- भागीरथी और अलकनंदा का मिलन: देवप्रयाग में होता है।
- गंगा को बांग्लादेश में कहते हैं: पद्मा।
- ब्रह्मपुत्र को तिब्बत में कहते हैं: सांगपो।
- सिंधु जल समझौते के तहत भारत का उपयोग: 20 प्रतिशत जल।
- प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी: गोदावरी।
- अरावली पर्वत की सबसे ऊँची चोटी: गुरु शिखर (माउंट आबू)।
- दक्षिण भारत की सबसे ऊँची चोटी: अनाईमुडी।
- पूर्वी और पश्चिमी घाट का मिलन बिंदु: नीलगिरि की पहाड़ियां।
- हिमालय पर्वत का प्रकार: वलित पर्वत (Fold Mountain)।
- ब्लैक फॉरेस्ट पर्वत (जर्मनी): यह ब्लॉक पर्वत का उदाहरण है।
निष्कर्ष (Conclusion): भारत की नदियां और पहाड़ केवल हमारी भौगोलिक पहचान नहीं हैं, बल्कि ये हमारे जीवन, हमारी संस्कृति और हमारी जलवायु का आधार हैं। एक शिक्षक के रूप में यह आपका दायित्व है कि आप इन तथ्यों को गहराई से समझें ताकि कक्षा में बच्चों को भारत की इस महान प्राकृतिक सुंदरता का सही ज्ञान दे सकें।
👉अध्याय 8 के लिए यहां क्लिक करेंनीचे दिए गए महत्वपूर्ण प्रश्नों का लाइव टेस्ट 👇
UPTET EVS: नदियां, पर्वत व पठार (Part-1)
- 📝 कुल प्रश्न : 50
- ✍️ Attempted : 0
- ⏭️ Skipped : 0
- ✅ सही उत्तर : 0
- ❌ गलत उत्तर : 0
- 📊 Accuracy : 0%
- ⏱️ Time Taken : 00:00

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें