🌟 UPTET 2026: पर्यावरण अध्ययन (EVS) अध्याय 2 - भोजन, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता (विस्तृत नोट्स) 🌟
दोस्तों, SK SACHIN CLASSES के पर्यावरण अध्ययन (EVS) सीरीज़ में आपका स्वागत है।
आज हम EVS का वह अध्याय पढ़ने जा रहे हैं जो UPTET का 'हार्ट' (Heart) है— भोजन, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता (Food, Health & Cleanliness)। मनुष्य को जीवित रहने और काम करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जो हमें भोजन से मिलती है। लेकिन यदि भोजन संतुलित न हो, तो शरीर में कई बीमारियां हो जाती हैं। UPTET की परीक्षा में विटामिनों के रासायनिक नाम, पानी में घुलनशील विटामिन, और मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों से सीधे प्रश्न आते हैं। आइए, इन्हें रट लेते है।
🔹 1. भोजन के मुख्य घटक (Components of Food)
हमारे भोजन में मुख्य रूप से 6 पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन्हें उनके काम के आधार पर बांटा गया है:
1. ऊर्जा प्रदान करने वाले (Energy Giving Food):
- कार्बोहाइड्रेट: यह हमारे शरीर को 'तुरंत ऊर्जा' (Instant Energy) देता है। एथलीट या खिलाड़ी तुरंत ऊर्जा के लिए ग्लूकोज़ (कार्बोहाइड्रेट) ही लेते हैं। इसके मुख्य स्रोत गेहूं, चावल, आलू और चीनी हैं।
- वसा (Fat): यह कार्बोहाइड्रेट से भी दोगुनी ऊर्जा देता है, लेकिन यह शरीर में जमा (Store) हो जाता है। (स्रोत: घी, मक्खन, तेल)।
2. शरीर का निर्माण करने वाले (Body Building Food):
- प्रोटीन: यह हमारे शरीर की नई कोशिकाओं (Cells) को बनाने और टूटी-फूटी कोशिकाओं की मरम्मत करने का काम करता है। बच्चों के शारीरिक विकास के लिए प्रोटीन सबसे ज़्यादा ज़रूरी है।
- कमी से रोग: प्रोटीन की कमी से बच्चों में 'क्वाशियोरकर' और 'मरास्मस' (सूखा रोग) हो जाता है। (स्रोत: सोयाबीन, दालें, अंडा, मांस)।
3. रोगों से रक्षा करने वाले (Protective Food):
- विटामिन और खनिज लवण (Minerals): ये हमें ऊर्जा तो नहीं देते, लेकिन बीमारियों से हमारे शरीर की रक्षा करते हैं। (स्रोत: हरी सब्ज़ियां, फल, दूध)।
4. जल और रुक्षांश (Water and Roughage):
- रुक्षांश (फाइबर): यह भोजन को पचने और शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। (स्रोत: चोकर, सलाद, ताज़े फल)।
🔹 2. विटामिन (Vitamins) - [UPTET रामबाण]
'विटामिन' शब्द का प्रयोग सबसे पहले फंक (C. Funk) ने 1911 में किया था। घुलनशीलता के आधार पर विटामिन 2 प्रकार के होते हैं:
- जल में घुलनशील (Water Soluble): विटामिन B और C। (इन्हें रोज़ खाना पड़ता है क्योंकि ये पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाते हैं)।
- वसा में घुलनशील (Fat Soluble): विटामिन A, D, E, और K। (ट्रिक: KEDA / कीड़ा - यह वसा में घुल जाता है)।
🌟 प्रमुख विटामिन, उनके रासायनिक नाम और रोग (इन्हें रट लें):
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विटामिन A:
- रासायनिक नाम: रेटिनॉल
- कमी से रोग: रतौंधी (रात में न दिखना)
- मुख्य स्रोत: गाजर (सबसे अच्छा स्रोत), पपीता, दूध, आम।
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विटामिन B1:
- रासायनिक नाम: थायमिन
- कमी से रोग: बेरी-बेरी
- मुख्य स्रोत: मूंगफली, सूखी मिर्च, बिना पॉलिश किया हुआ चावल।
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विटामिन C:
- रासायनिक नाम: एस्कॉर्बिक एसिड
- कमी से रोग: स्कर्वी (मसूड़ों से खून आना)
- मुख्य स्रोत: आंवला (सबसे अच्छा स्रोत), नींबू, संतरा (सभी खट्टे फल)। गर्म करने पर यह विटामिन नष्ट हो जाता है।
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विटामिन D:
- रासायनिक नाम: कैल्सीफेरॉल
- कमी से रोग: रिकेट्स (सूखा रोग - बच्चों की हड्डियां मुड़ जाना)
- मुख्य स्रोत: सूर्य का प्रकाश, मछली के यकृत (Liver) का तेल। इसे 'सनशाइन विटामिन' भी कहते हैं।
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विटामिन E:
- रासायनिक नाम: टोकोफेरॉल
- कमी से रोग: बांझपन (जनन क्षमता में कमी)
- मुख्य स्रोत: अंकुरित अनाज, हरी पत्तियां।
- विटामिन K:
- रासायनिक नाम: फिलोक्विनोन
- कमी से रोग: रक्त का थक्का न जमना (चोट लगने पर खून बहता ही रहता है)।
- मुख्य स्रोत: टमाटर, हरी सब्ज़ियां।
🔹 3. स्वास्थ्य और बीमारियां (Health and Diseases)
बीमारियां मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं:
- जन्मजात रोग: जो जन्म से ही माता-पिता से मिलते हैं (जैसे- हीमोफीलिया, वर्णांधता/Color blindness)।
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अर्जित रोग: जो जन्म के बाद बाहरी वातावरण से लगते हैं। इसके भी दो प्रकार हैं:
- संक्रामक रोग (Communicable): जो छुआछूत, हवा, पानी या मच्छरों से एक इंसान से दूसरे में फैलते हैं (जैसे- कोरोना, मलेरिया, टीबी)।
- असंक्रामक रोग (Non-communicable): जो एक से दूसरे में नहीं फैलते (जैसे- कैंसर, हार्ट अटैक, शुगर)।
🌟 UPTET विशेष: जीवाणु, विषाणु और प्रोटोज़ोआ से होने वाले रोग
(A) जीवाणु (Bacteria) से होने वाले रोग:
- टिटनेस, हैजा (कालरा), टाइफाइड, टीबी (तपेदिक), डिप्थीरिया, प्लेग, निमोनिया, कुष्ठ रोग।
- UPTET फैक्ट: टाइफाइड और हैजा दूषित जल (गंदे पानी) और दूषित भोजन से फैलते हैं।
(B) विषाणु (Virus) से होने वाले रोग:
- रेबीज़ (कुत्ते के काटने से), पोलियो, पीलिया (Jaundice), चेचक, डेंगू, खसरा, एड्स (AIDS), कोरोना।
- UPTET फैक्ट: 'रेबीज़' को 'हाइड्रोफोबिया' (पानी से डर लगना) भी कहते हैं।
(C) प्रोटोज़ोआ (Protozoa) से होने वाले रोग:
- मलेरिया, पायरिया, पेचिश, सोने की बीमारी।
- UPTET फैक्ट - मलेरिया: यह रोग 'मादा एनाफिलीज' मच्छर के काटने से होता है। इसके परजीवी का नाम 'प्लाज्मोडियम' है। मलेरिया की दवा 'कुनैन' (सिनकोना पेड़ की छाल) से बनती है। रोनाल्ड रॉस ने सबसे पहले बताया था कि मलेरिया मच्छर से फैलता है।
🔹 4. मच्छरों से फैलने वाले रोग (Mosquito-borne Diseases)
UPTET में मच्छरों से जुड़े प्रश्न बहुत आते हैं:
- डेंगू: यह 'मादा एडीज़' मच्छर के काटने से होता है। इसमें शरीर की प्लेटलेट्स तेज़ी से गिर जाती हैं। इसे 'हड्डी तोड़ बुखार' भी कहते हैं।
- मलेरिया: मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से।
- चिकनगुनिया: यह भी एडीज़ मच्छर से फैलता है।
मच्छरों को रोकने के उपाय:
- आस-पास पानी जमा न होने दें।
- रुके हुए पानी (कूलर, टायर) में मिट्टी का तेल (केरोसिन) छिड़क दें। (तेल डालने से पानी का 'पृष्ठ तनाव' कम हो जाता है, जिससे मच्छरों के अंडे पानी में डूबकर मर जाते हैं)।
🔹 5. स्वच्छता एवं सरकारी अभियान (Cleanliness & Campaigns)
हमारा स्वास्थ्य हमारे आस-पास की सफाई पर निर्भर करता है।
स्वच्छ भारत अभियान:
- यह अभियान भारत के प्रधानमंत्री द्वारा 2 अक्टूबर 2014 (महात्मा गांधी की 145वीं जयंती) को शुरू किया गया था।
- इसका मुख्य नारा (Slogan) है: "एक कदम स्वच्छता की ओर"।
- इसका लक्ष्य 2 अक्टूबर 2019 तक भारत को 'खुले में शौच मुक्त' (ODF) और स्वच्छ बनाना था।
ठोस कचरा प्रबंधन (Waste Management):
कचरे को फेंकने के लिए अलग-अलग रंग के डस्टबिन का प्रयोग किया जाता है:
- हरा कूड़ेदान (Green Bin): गीले कचरे (जैसे- सब्ज़ी के छिलके, बचा हुआ खाना) के लिए, जिससे खाद बन सके।
- नीला/सूखा कूड़ेदान (Blue Bin): सूखे कचरे (जैसे- प्लास्टिक, कागज़, कांच) के लिए, जिसे रीसायकल किया जा सके।
🔹 6. UPTET विशेष: परीक्षा में छपने वाले 10 महत्वपूर्ण तथ्य (One-Liners)
UPTET Paper 1 के लिए SK SACHIN CLASSES के ये 'रामबाण' बिंदु बिल्कुल रट लें:
- आयोडीन की कमी से रोग: घेंघा (Goiter) रोग हो जाता है, जिसमें गले की ग्रंथि सूज जाती है।
- लोहा (Iron) की कमी से रोग: एनीमिया (रक्तअल्पता/खून की कमी) हो जाता है। इसका सबसे अच्छा स्रोत गुड़, आंवला और हरी पत्तेदार सब्ज़ियां हैं।
- दूध का पाश्चुरीकरण (Pasteurization): दूध को खराब होने से बचाने के लिए उसे गर्म करके अचानक ठंडा किया जाता है। इसकी खोज लुई पाश्चर ने की थी।
- विटामिन जो गर्म करने पर नष्ट हो जाता है: विटामिन सी।
- जल जनित (पानी से होने वाले) रोग: हैजा, पेचिश और टाइफाइड।
- शरीर का 70% हिस्सा: जल (पानी) से बना होता है।
- प्लेग की बीमारी: यह चूहों पर पाए जाने वाले पिस्सुओं (जीवाणु) से फैलती है।
- एड्स (AIDS) का परीक्षण: इसके लिए एलिसा (ELISA) टेस्ट किया जाता है।
- डीपीटी (DPT) का टीका: यह डिप्थीरिया, पर्टुसिस (काली खांसी) और टिटनेस से बचाव के लिए बच्चों को लगाया जाता है।
- रतौंधी रोग: यह विटामिन ए की कमी से होता है, गाजर इसका सर्वोत्तम स्रोत है।
निष्कर्ष (Conclusion): "पहला सुख निरोगी काया।" एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। एक शिक्षक के रूप में यह जानना ज़रूरी है कि बच्चे कुपोषण का शिकार न हों। बच्चों को संतुलित आहार का महत्व समझाना और अपने आस-पास साफ-सफाई रखना ही इस अध्याय का मुख्य उद्देश्य है।
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नीचे दिए महत्वपूर्ण प्रश्नों का लाइव टेस्ट 👇
UPTET पर्यावरण: भोजन व स्वास्थ्य
- 📝 कुल प्रश्न : 50
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