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⭐ UPTET संस्कृत अध्याय 3: घर, परिवार, पशु-पक्षी और घरेलू वस्तुओं के नाम (रामबाण नोट्स) ⭐

  ​⭐ UPTET संस्कृत सम्पूर्ण रामबाण नोट्स: अध्याय 3 ⭐ ​विषय: घर, परिवार, पशु, पक्षियों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं के संस्कृत नाम ​प्रिय भावी शिक्षकों, SK SACHIN CLASSES के इस विशेष लेख में आपका स्वागत है। UPTET परीक्षा के संस्कृत भाग में 'संस्कृत शब्दकोश' (Vocabulary) से सीधे तौर पर 2 से 3 प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके अलावा, जब आप परीक्षा में संस्कृत का 'गद्यांश' (Passage) हल करते हैं, तो इन शब्दों का अर्थ जाने बिना उस गद्यांश को समझना असंभव हो जाता है। ​इस अध्याय में हम रटंत विद्या का प्रयोग नहीं करेंगे, बल्कि शब्दों की उत्पत्ति और उनके अन्य पर्यायवाची शब्दों (Synonyms) को भी समझेंगे, जो अक्सर परीक्षा में फंसाने के लिए दिए जाते हैं। ​⭐ 1. परिवार के सदस्यों के संस्कृत नाम (Family Members) ​UPTET में सबसे ज्यादा 'बुआ', 'बहन', 'ससुर' और 'दामाद' के संस्कृत नाम पूछे जाते हैं। आइए इन्हें विस्तार से समझें: हिंदी नाम संस्कृत नाम (UPTET के लिए अति महत्वपूर्ण) अन्य पर्यायवाची / रामबाण परीक्षा ट्रिक्स माता माता, जननी, अम्बा मा...

UPTET Hindi Chapter 11: प्रमुख कवि, लेखक एवं उनकी रचनाएं | 2000+ Words रामबाण नोट्स & 50 PYQ Mock Test (SK SACHIN CLASSES)

 

​⭐ अध्याय 11 : प्रमुख कवियों एवं लेखकों की रचनाएं (UPTET रामबाण महा-एपिसोड)






SK SACHIN CLASSES स्पेशल: भावी शिक्षकों! हिंदी साहित्य का यह अध्याय UPTET परीक्षा का सबसे 'स्कोरिंग' (Scoring) और महत्वपूर्ण हिस्सा है। UPTET के दोनों स्तरों (Primary & Junior) में हिंदी साहित्य के इतिहास, प्रमुख कवियों, लेखकों और उनकी रचनाओं से हर साल कम से कम 4 से 5 प्रश्न (PYQ) पक्के आते हैं।

​साहित्य का क्षेत्र बहुत विशाल है, लेकिन एक भावी शिक्षक को यह पता होना चाहिए कि परीक्षा में क्या पूछा जाता है। इस 2000+ शब्दों के 'रामबाण' लेख में हमने हिंदी साहित्य को 'काल' (Eras) के अनुसार बाँटकर केवल उन रचनाओं का संग्रह किया है जो UPTET/CTET/STET परीक्षाओं की दृष्टि से सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं। आइए, इसे गहराई से पढ़ें।




​⭐ भाग 1: आदिकाल (वीरगाथा काल) की प्रमुख रचनाएं

​आदिकाल को आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने 'वीरगाथा काल' कहा है क्योंकि इस काल में राजाओं की वीरता का अतिशयोक्तिपूर्ण वर्णन किया गया था। इस काल की भाषा डिंगल-पिंगल थी।

  • ​⭐ चंदबरदाई: 'पृथ्वीराज रासो' (यह हिंदी का प्रथम महाकाव्य माना जाता है। UPTET PYQ)।
  • ​⭐ जगनिक: 'परमाल रासो' (इसे 'आल्हाखण्ड' भी कहा जाता है, जो वर्षा ऋतु में गाया जाता है)।
  • ​⭐ नरपति नाल्ह: 'बीसलदेव रासो'।
  • ​⭐ दलपति विजय: 'खुमाण रासो'।
  • ​⭐ अमीर खुसरो: पहेलियाँ, मुकरियाँ, दो सखुने (इन्हें 'तूती-ए-हिन्द' या खड़ी बोली का प्रथम कवि कहा जाता है)।
  • ​⭐ विद्यापति: विद्यापति पदावली, कीर्तिलता, कीर्तिपताका (इन्हें 'मैथिल कोकिल' कहा जाता है)।





​⭐ भाग 2: भक्तिकाल (स्वर्ण काल) की प्रमुख रचनाएं

​जॉर्ज ग्रियर्सन और श्यामसुंदर दास ने भक्तिकाल को हिंदी साहित्य का 'स्वर्ण युग' कहा है। भक्तिकाल को दो मुख्य धाराओं में बाँटा गया है: 1. निर्गुण धारा 2. सगुण धारा।

​⭐ (A) निर्गुण धारा (ज्ञानाश्रयी और प्रेमाश्रयी शाखा):

  • ​⭐ कबीरदास (ज्ञानाश्रयी): 'बीजक'। (बीजक के तीन भाग हैं— साखी, सबद, रमैनी। इसका संकलन उनके शिष्य धर्मदास ने किया था। कबीर की भाषा को 'सधुक्कड़ी' या 'पंचमेल खिचड़ी' कहा जाता है)।
  • ​⭐ मलिक मुहम्मद जायसी (प्रेमाश्रयी): 'पद्मावत' (अवधी भाषा का श्रेष्ठ महाकाव्य), 'अखरावट', 'आखिरी कलाम'।
  • ​⭐ रैदास: 'प्रेमवाटिका', 'सुजान रसखान'।

​⭐ (B) सगुण धारा (रामभक्ति और कृष्णभक्ति शाखा):

  • ​⭐ गोस्वामी तुलसीदास (रामभक्ति): 'रामचरितमानस' (अवधी भाषा में), 'विनयपत्रिका' (ब्रज भाषा में - UPTET V.Imp), 'कवितावली', 'गीतावली', 'दोहावली', 'जानकी मंगल', 'पार्वती मंगल', 'बरवै रामायण'।
  • ​⭐ सूरदास (कृष्णभक्ति): 'सूरसागर', 'सूरसारावली', 'साहित्य लहरी'। (इन्हें 'वात्सल्य रस का सम्राट' और 'अष्टछाप का जहाज़' कहा जाता है)।
  • ​⭐ मीराबाई (कृष्णभक्ति): 'नरसी जी का मायरा', 'राग गोविंद', 'गीत गोविंद की टीका', 'राग सोरठ के पद'।
  • ​⭐ नंददास: 'रास पंचाध्यायी', 'भँवरगीत'।





​⭐ भाग 3: रीतिकाल की प्रमुख रचनाएं

​रीतिकाल में राजाओं के दरबार में रहकर शृंगार रस और कलात्मकता से परिपूर्ण रचनाएं की गईं।

  • ​⭐ बिहारीलाल: 'बिहारी सतसई' (इसमें 719 दोहे हैं। ये गागर में सागर भरने के लिए प्रसिद्ध हैं)।
  • ​⭐ भूषण: 'शिवराज भूषण', 'शिवा बावनी', 'छत्रसाल दशक'। (रीतिकाल में 'वीर रस' की कविताएँ लिखने वाले एकमात्र कवि)।
  • ​⭐ केशवदास: 'रामचंद्रिका', 'कविप्रिया', 'रसिकप्रिया'। (इन्हें 'कठिन काव्य का प्रेत' कहा जाता है)।
  • ​⭐ पद्माकर: 'पद्माभरण', 'जगद्विनोद', 'गंगालहरी'।
  • ​⭐ घनानंद: 'सुजान सागर', 'विरहलीला', 'इश्कलता'।





​⭐ भाग 4: आधुनिक काल की प्रमुख रचनाएं (UPTET का सबसे महत्वपूर्ण भाग)

​आधुनिक काल को कई युगों में बाँटा गया है, जहाँ से सर्वाधिक प्रश्न बनते हैं।

​⭐ 1. भारतेंदु युग (हिंदी गद्य का प्रारंभ):

  • ​⭐ भारतेंदु हरिश्चंद्र (हिंदी गद्य के जनक): 'अंधेर नगरी', 'भारत दुर्दशा', 'सत्य हरिश्चंद्र', 'प्रेम माधुरी', 'प्रेम फुलवारी'।

​⭐ 2. द्विवेदी युग:

  • ​⭐ महावीर प्रसाद द्विवेदी: 'सरस्वती पत्रिका' का संपादन (1903 ई.), 'काव्य मंजूषा', 'साहित्य सीकर'।
  • ​⭐ अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध': 'प्रियप्रवास' (खड़ी बोली का प्रथम महाकाव्य - UPTET PYQ), 'वैदेही वनवास', 'रसकलश', 'अधखिला फूल'।
  • ​⭐ मैथिलीशरण गुप्त (राष्ट्रकवि): 'साकेत', 'भारत-भारती' (अंग्रेजों ने इसे ज़ब्त कर लिया था), 'यशोधरा', 'जयद्रथ वध', 'पंचवटी'।

​⭐ 3. छायावाद (प्रकृति और प्रेम का युग - UPTET रामबाण):

​छायावाद के 'चार स्तंभ' माने जाते हैं: प्रसाद, पंत, निराला और महादेवी।

  • ​⭐ जयशंकर प्रसाद: 'कामायनी' (महाकाव्य), 'आँसू', 'लहर', 'झरना', 'चंद्रगुप्त', 'स्कंदगुप्त', 'अजातशत्रु', 'ध्रुवस्वामिनी', 'तितली', 'कंकाल'।
  • ​⭐ सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला': 'अनामिका', 'परिमल', 'गीतिका', 'कुकुरमुत्ता', 'राम की शक्ति पूजा', 'सरोज स्मृति' (हिंदी का सर्वश्रेष्ठ शोक गीत)। (ये 'मुक्तक छंद' के प्रवर्तक हैं)।
  • ​⭐ सुमित्रानंदन पंत (प्रकृति के सुकुमार कवि): 'पल्लव', 'वीणा', 'गुंजन', 'ग्राम्या', 'युगांत', 'चिदंबरा' (इस पर इन्हें प्रथम हिंदी ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला)।
  • ​⭐ महादेवी वर्मा (आधुनिक मीरा): 'यामा' (ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त), 'निहार', 'रश्मि', 'नीरजा', 'सांध्यगीत', 'अतीत के चलचित्र', 'स्मृति की रेखाएं', 'गिल्लू'।

​⭐ 4. प्रगतिवाद एवं प्रयोगवाद:

  • ​⭐ रामधारी सिंह 'दिनकर' (द्वितीय राष्ट्रकवि): 'उर्वशी' (ज्ञानपीठ पुरस्कार), 'कुरुक्षेत्र', 'रश्मिरथी', 'रेणुका', 'हुंकार', 'परशुराम की प्रतीक्षा', 'संस्कृति के चार अध्याय' (साहित्य अकादमी पुरस्कार)।
  • ​⭐ सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय': 'कितनी नावों में कितनी बार' (ज्ञानपीठ पुरस्कार), 'तार सप्तक' का संपादन, 'शेखर: एक जीवनी', 'आँगन के पार द्वार'।
  • ​⭐ हरिवंश राय बच्चन (हालावाद के प्रवर्तक): 'मधुशाला', 'मधुबाला', 'मधुकलश', 'निशा निमंत्रण', 'क्या भूलूँ क्या याद करूँ' (आत्मकथा)।
  • ​⭐ सुभद्रा कुमारी चौहान: 'झाँसी की रानी', 'मुकुल', 'त्रिधारा', 'बिखरे मोती'।




​⭐ भाग 5: हिंदी के प्रमुख गद्यकार (उपन्यासकार और कहानीकार)

  • ​⭐ मुंशी प्रेमचंद (उपन्यास सम्राट):
    • उपन्यास: 'गोदान' (UPTET PYQ), 'गबन', 'कर्मभूमि', 'रंगभूमि', 'निर्मला', 'सेवासदन', 'मंगलसूत्र' (अधूरा उपन्यास)।
    • कहानियाँ: 'ईदगाह', 'पूस की रात', 'कफन', 'बड़े घर की बेटी', 'नमक का दारोगा', 'पंच परमेश्वर', 'दो बैलों की कथा'। (इनकी कहानियों का संग्रह 'मानसरोवर' कहलाता है)।
  • ​⭐ फणीश्वर नाथ 'रेणु' (आँचलिक उपन्यासकार): 'मैला आँचल' (हिंदी का प्रथम आँचलिक उपन्यास), 'परती परिकथा', 'मारे गए गुलफाम (तीसरी कसम)'।
  • ​⭐ धर्मवीर भारती: 'गुनाहों का देवता', 'सूरज का सातवाँ घोड़ा', 'अंधा युग', 'ठंडा लोहा'।
  • ​⭐ हज़ारी प्रसाद द्विवेदी: 'बाणभट्ट की आत्मकथा', 'पुनर्नवा', 'कुटज', 'अशोक के फूल'।
  • ​⭐ यशपाल: 'झूठा सच', 'दिव्या', 'दादा कामरेड'।
  • ​⭐ भीष्म साहनी: 'तमस' (भारत-पाक विभाजन पर आधारित)।
  • ​⭐ मुकुटधर पांडेय: 'पूजाफूल', 'शैलबाला'।
  • ​⭐ मुहम्मद इक़बाल: 'तरान-ए-हिन्द' (सारे जहाँ से अच्छा...)।



​⭐ UPTET/CTET के लिए अति-महत्वपूर्ण 'प्रथम' तथ्य (रामबाण)

  • ​हिंदी की प्रथम कहानी: इन्दुमती (किशोरीलाल गोस्वामी)
  • ​हिंदी का प्रथम उपन्यास: परीक्षा गुरु (लाला श्रीनिवास दास)
  • ​हिंदी का प्रथम नाटक: नहुष (गोपालचंद्र गिरिधरदास)
  • ​हिंदी का प्रथम महाकाव्य: पृथ्वीराज रासो (चंदबरदाई)
  • ​हिंदी का प्रथम समाचार पत्र: उदन्त मार्तण्ड (पं. जुगलकिशोर शुक्ल)
  • ​हिंदी के लिए प्रथम ज्ञानपीठ पुरस्कार: सुमित्रानंदन पंत (चिदंबरा के लिए)
  • ​हिंदी के लिए प्रथम साहित्य अकादमी पुरस्कार: माखनलाल चतुर्वेदी (हिमतरंगिणी के लिए)

(भावी शिक्षकों! साहित्य के इस विशाल और प्रामाणिक संग्रह को कंठस्थ कर लें। अब अपनी तैयारी का सटीक आकलन करने के लिए नीचे दिए गए UPTET PYQ आधारित छोटे और 'टू द पॉइंट' विकल्पों वाले लाइव टेस्ट को हल करें!)



UPTET Hindi Advanced Quiz

कवि एवं उनकी रचनाएं (अध्याय 11)

SK SACHIN CLASSES | UPTET PYQ मॉक टेस्ट
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